निर्माणाधीन बिल्डिंग का हिस्सा भरभराकर गिरा, 4 मजदूरों की मौत; कई दबे

अंबाला के धूलकोट गांव में निर्माणाधीन तीन मंजिला बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से 4 मजदूरों की मौत और 9 घायल हुए। NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

निर्माणाधीन बिल्डिंग का हिस्सा भरभराकर गिरा, 4 मजदूरों की मौत; कई दबे

➤ अंबाला में निर्माणाधीन बिल्डिंग का हिस्सा गिरा, 4 मजदूरों की मौत
➤ 13 मजदूर मलबे से निकाले गए, 9 घायल; 2-3 लोगों के दबे होने की आशंका
➤ NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, शटरिंग में लापरवाही के आरोपों की भी जांच


हरियाणा के अंबाला में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। धूलकोट गांव में तीन मंजिला निर्माणाधीन बिल्डिंग का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर लेंटर डाला जा रहा था, जबकि अलग-अलग मंजिलों पर मजदूर काम कर रहे थे। अचानक लेंटर नीचे बैठने से कई मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और बाद में NDRF की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया।

NDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए हुए है।

 मलबे से अब तक 13 लोगों को निकालकर अंबाला सिटी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। बाकी नौ घायलों का इलाज चल रहा है। वहीं, मलबा हटाने का काम लगातार जारी है और अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

निर्माणाधीन बिल्डिंग के पीछे का हिस्सा भरभराकर नीचे गिरा।

हादसा रविवार दोपहर करीब 3 बजे हुआ। बताया गया कि निर्माणाधीन बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने का काम चल रहा था। अचानक लेंटर नीचे बैठ गया और उसके साथ मलबा नीचे आ गिरा। बिल्डिंग में काम कर रहे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने का प्रयास शुरू किया।

मलबे से निकाले गए 13 लोगों को एंबुलेंस के जरिए अंबाला सिटी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने चार मजदूरों को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य में NDRF की टीमों को भी लगाया गया है। मलबे को हटाने और उसके नीचे फंसे लोगों को तलाशने का काम अभी जारी है।

शाम करीब साढ़े 7 बजे DC सचिन गुप्ता और SP अजीत सिंह शेखावत भी घटनास्थल पर पहुंचे। SP अजीत शेखावत ने बताया कि अभी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। NDRF ने 2 से 3 लोगों को लोकेट किया है और उन्हें भी बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बिल्डिंग के मालिक का पता लगाया जा रहा है। अगर यहां अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्शन हो रहा था तो कार्रवाई की जाएगी।

सिविल अस्पताल से कई एम्बुलेंस को भी मौके पर बुलाया गया।

बिल्डिंग में काम करने वालों ने बताई हादसे की पूरी स्थिति

बिल्डिंग में काम कर रहे कर्मजीत ने बताया कि वहां एक कॉमर्शियल बिल्डिंग बनाई जा रही थी। उनके अनुसार, पहली मंजिल पर प्लास्टर का काम चल रहा था, दूसरी मंजिल पर फर्श डाला जा रहा था, जबकि तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने का काम चल रहा था। पहली मंजिल पर 6 से 7 लोग, दूसरी मंजिल पर 3 लोग और तीसरी मंजिल पर 10 से 12 लोग काम कर रहे थे।

कर्मजीत के अनुसार, दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे के बीच अचानक लेंटर नीचे बैठ गया। इसके साथ ही दूसरी मंजिल पर काम कर रहे लोग भी मलबे में दब गए। कुछ मजदूरों ने ऊपर से कूदकर अपनी जान बचाई। बिल्डिंग के पीछे की तरफ का हिस्सा नीचे तक पूरी तरह गिर गया, जबकि आगे का हिस्सा अभी भी खड़ा है।

DC सचिन गुप्ता और SP अजीत सिंह शेखावत भी घटनास्थल पर पहुंचे

मिस्त्री पर गलत शटरिंग करने का आरोप

बिहार के रहने वाले रामचंद्र नाम के मजदूर ने आरोप लगाया कि लेंटर डालने से दो दिन पहले शटरिंग की गई थी, लेकिन मिस्त्री ने शटरिंग ठीक तरीके से नहीं की थी। रामचंद्र के मुताबिक, इसी वजह से उन्होंने वहां काम छोड़ दिया था। उनके अनुसार, शटरिंग गिरने से मजदूर नीचे दब गए।

रामचंद्र ने बताया कि सुपरवाइजर मलकीत, मिस्त्री राम, राजेंद्र और अजय भी मलबे में दब गए। उनके अनुसार, यहां का काम मलकीत की देखरेख में हो रहा था। शटरिंग की स्थिति और हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

मिस्त्री के बेटे ने बताया, पिता का अभी तक सुराग नहीं

अंबाला के सदोपुर गांव निवासी संदीप ने बताया कि उसके पिता रामजी दास (63) जग्गी प्रॉपर्टीज के यहां मिस्त्री का काम करते थे। संदीप के अनुसार, यह बिल्डिंग जग्गी प्रॉपर्टीज वालों की है। हादसे के बाद से उनके पिता का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है और वह अस्पताल में भी नहीं मिले हैं।

संदीप ने बताया कि हादसे के समय उनके पिता ग्राउंड फ्लोर पर प्लास्टर का काम कर रहे थे। उनके अनुसार, यहां निर्माण का काम पूर्व फौजी राणा की देखरेख में हो रहा था।

फिलहाल मौके पर NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मलबे को हटाकर दबे लोगों की तलाश की जा रही है। प्रशासन और पुलिस की टीमें भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। हादसे की वजह, निर्माण की अनुमति और शटरिंग से जुड़े आरोपों की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।