भारतीय जरूरत से ज्यादा खा रहे अनाज रोटी-चावल ज्यादा, दाल-सब्जियां कम; ICMR ने बताया खानपान का सच

ICMR की नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि भारतीय जरूरत से ज्यादा अनाज और कम दाल-सब्जियां खा रहे हैं। इससे डायबिटीज, मोटापा और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

भारतीय  जरूरत से ज्यादा खा रहे अनाज रोटी-चावल ज्यादा, दाल-सब्जियां कम; ICMR ने बताया खानपान का सच

ICMR की स्टडी में खुलासा, भारतीय जरूरत से ज्यादा रोटी-चावल और कम दाल-सब्जियां खा रहे हैं

संतुलित आहार के मुकाबले देश के अधिकांश राज्यों में अनाज का सेवन जरूरत से काफी अधिक पाया गया

विशेषज्ञों ने चेताया, असंतुलित खानपान से बढ़ रहा डायबिटीज, मोटापा और हृदय रोगों का खतरा

भारतीयों की थाली में पोषण का संतुलन लगातार बिगड़ता जा रहा है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) से जुड़ी एक नई स्टडी में सामने आया है कि देश के अधिकांश लोग जरूरत से ज्यादा रोटी, चावल और अन्य अनाज खा रहे हैं, जबकि दाल, सब्जियां, फल और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन निर्धारित मानकों से काफी कम है।

स्टडी में वर्ष 2022-23 के घरेलू उपभोग आंकड़ों की तुलना ICMR की पोषण संबंधी सिफारिशों से की गई। इसमें पाया गया कि अधिकांश राज्यों में लोगों का अनाज सेवन निर्धारित मात्रा से काफी ज्यादा है, जबकि दाल, सब्जियां, फल, दूध और प्रोटीन का सेवन अपेक्षाकृत कम है।

रिपोर्ट के अनुसार, एक व्यक्ति के लिए प्रतिमाह लगभग 7.5 किलोग्राम अनाज पर्याप्त माना गया है, लेकिन कई राज्यों में इसका सेवन इससे काफी अधिक दर्ज किया गया। वहीं दाल, सब्जियों और फलों की खपत पोषण संबंधी जरूरतों से पीछे पाई गई।

ICMR और अन्य शोधों के अनुसार भारतीय भोजन में कम गुणवत्ता वाले कार्बोहाइड्रेट जैसे सफेद चावल, रिफाइंड अनाज और अतिरिक्त चीनी की मात्रा अधिक है, जबकि प्रोटीन का सेवन कम है। यह असंतुलन टाइप-2 डायबिटीज, प्रीडायबिटीज, मोटापा और पेट के आसपास चर्बी बढ़ने जैसे जोखिमों से जुड़ा पाया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल अनाज कम करने से ही नहीं, बल्कि उसकी जगह दाल, फलियां, दूध, दही, अंडा, मछली या अन्य प्रोटीन स्रोतों को शामिल करने से स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है। शोध में पाया गया कि कार्बोहाइड्रेट के कुछ हिस्से को प्रोटीन से बदलने पर मधुमेह का खतरा कम हो सकता है।

ICMR और राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) की आहार संबंधी गाइडलाइन के अनुसार एक व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 400 ग्राम सब्जियां और 100 ग्राम फल लेने चाहिए। यानी महीने के हिसाब से करीब 12 किलोग्राम सब्जियां और 3 किलोग्राम फल का सेवन किया जाना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीयों को अपनी थाली में केवल पेट भरने वाले खाद्य पदार्थों के बजाय पोषण संतुलन पर ध्यान देना होगा। दाल, हरी सब्जियां, फल, दूध और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की मात्रा बढ़ाकर ही जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते खतरे को कम किया जा सकता है।