सरकारी अफसर के ठिकाने पर विजिलेंस की रेड, नोटों का ढेर देख रह गए अधिकारी; आखिर कहां मिला इतना कैश?

विजिलेंस छापेमारी में एडीएम सप्लाई के ठिकानों से करीब 70 लाख रुपये कैश, घड़ियां, आभूषण और संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए।

सरकारी अफसर के ठिकाने पर विजिलेंस की रेड, नोटों का ढेर देख रह गए अधिकारी; आखिर कहां मिला इतना कैश?

➤ छापेमारी में करीब 70 लाख रुपये कैश और 6 महंगी घड़ियां बरामद
➤ लाखों के आभूषण और संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले
➤ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई, आखिर में सामने आया पूरा ठिकाना


एक सरकारी अधिकारी के ठिकाने पर हुई विजिलेंस ब्यूरो की छापेमारी में बरामदगी का ऐसा सिलसिला सामने आया कि जांच टीम भी हैरान रह गई। तलाशी के दौरान अधिकारियों को करीब 70 लाख रुपये नकद, छह घड़ियां, लाखों रुपये के आभूषण और कई संपत्तियों से जुड़े कागजात मिले। नकदी इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए मशीन तक मंगवानी पड़ी। यह पूरी कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में की गई है।

विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने संबंधित अधिकारी से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। तलाशी के दौरान अलग-अलग स्थानों से नकदी, घड़ियां, आभूषण और संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार बरामद छह घड़ियों की कुल कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है। वहीं, लाखों रुपये के आभूषण मिलने की बात भी सामने आई है।

नोटों की गिनती के लिए मंगानी पड़ी मशीन

छापेमारी के दौरान बरामद नकदी की मात्रा इतनी अधिक थी कि उसे गिनने के लिए कैश काउंटिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। जांच टीम ने बरामद नकदी और अन्य सामान को अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू की। इसके साथ ही अलग-अलग संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है।

विजिलेंस की कार्रवाई में सामने आए दस्तावेजों और बरामद सामान के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी की घोषित आय और संपत्ति की तुलना में उसके पास कितनी अतिरिक्त संपत्ति है।

पत्नी भी प्रशासनिक पद पर तैनात

जांच के दायरे में आए अधिकारी रविंद्र कुमार दिवाकर की पत्नी कुमारी स्वीटी भी प्रशासनिक पद पर तैनात हैं। वह दानापुर में सब रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं। विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले को लेकर की गई है।

छापेमारी के दौरान बरामद संपत्ति और दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें से कितनी संपत्ति वैध आय के अनुरूप है और किन संपत्तियों को जांच के दायरे में रखा जाता है।

अक्टूबर 2025 से संभाल रहे हैं एडीएम सप्लाई की जिम्मेदारी

रविंद्र कुमार दिवाकर अक्टूबर 2025 से एडीएम (सप्लाई) के पद पर सेवा दे रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अलग-अलग प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं।

वर्ष 2024 में एडीसी पटना, 2023 में एडीसी गया, 2020 में एसडीएम समस्तीपुर, 2018 में पीजीआरओ सहरसा, 2014 में एडीसी दरभंगा और 2010-11 में एडीसी कटिहार के पद पर रहे। वर्ष 2009 में उन्होंने सारण डीपीआरओ के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले वर्ष 2000 में वह शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।

कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने अधिकारी से जुड़े पटना और बेगूसराय के ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान सामने आई बरामदगी के बाद संबंधित संपत्तियों और दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।

जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल बढ़ गई है। हालांकि, बरामद संपत्ति के संबंध में अंतिम स्थिति विस्तृत जांच और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट होगी।

आखिर कहां हुई यह बड़ी कार्रवाई?

जिस अधिकारी के ठिकाने पर करीब 70 लाख रुपये कैश, छह घड़ियां, लाखों के आभूषण और संपत्ति के दस्तावेज मिलने से हड़कंप मचा है, वह पटना के एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर हैं।

यानी विजिलेंस ब्यूरो की यह बड़ी कार्रवाई बिहार की राजधानी पटना में सामने आई है। अधिकारी के पटना और बेगूसराय स्थित ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद अब जांच एजेंसी बरामद संपत्ति और दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल कर रही है।