हरियाणा में डॉ. बलिराम हेडगेवार को भारत रत्न देने की मांग, PM को चिट्ठी भेजी
हरियाणा के स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. बलिराम हेडगेवार को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर की।
➤ हरियाणा में संघ संस्थापक डॉ. बलिराम हेडगेवार को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग उठी
➤ रेवाड़ी जिले के स्वयंसेवकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी, संगठन की अनुशासन और राष्ट्रसेवा का जिक्र
➤ लाखों स्वयंसेवक उनकी विचारधारा पर चलकर समाज सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में सक्रिय
हरियाणा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक डॉ. बलिराम हेडगेवार को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग उठी है। इस संबंध में रेवाड़ी जिले के दर्जनों स्वयंसेवकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। चिट्ठी में संघ को एक अनुशासित संगठन बताया गया है और यह कहा गया है कि यदि यह मांग पूरी होती है तो देश के लाखों स्वयंसेवकों का सम्मान होगा।
चिट्ठी में लिखा गया है कि डॉ. हेडगेवार का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, सेवा और संगठन को समर्पित रहा। उनका उद्देश्य केवल एक संगठन खड़ा करना नहीं था, बल्कि उस संगठन के माध्यम से राष्ट्र के हर नागरिक में अनुशासन, निष्ठा और त्याग की भावना जागृत करना था। आज आरएसएस के लाखों स्वयंसेवक देश के कोने-कोने में समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक आपदा राहत और सांस्कृतिक उत्थान के कार्यों में निरंतर सक्रिय हैं, जो डॉ. हेडगेवार की सोच और संकल्प का परिणाम है।
स्वयंसेवकों का मानना है कि जिस व्यक्ति की विचारधारा से प्रेरित होकर आज लाखों स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं, उसे देश की सर्वोच्च नागरिक उपाधि भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। यह न केवल डॉ. हेडगेवार का सम्मान होगा, बल्कि उन सभी स्वयंसेवकों और राष्ट्रप्रेमियों का भी सम्मान होगा जो भारत माता की सेवा को सर्वोपरि मानते हैं।
चिट्ठी में स्वयंसेवकों के नामों में डॉ. सतीश खोला, डॉ. वी पी यादव, हुकम सिंह, सुनील ग्रोवर, वीरेंद्र चिल्लर, गणेश दत्त, महेंद्रपाल, राम सिंह, सुमित, जतिन सैनी, धीरज, सूर्यप्रकाश, डॉ. सौरभ यादव, संजय कुमार, विजय गुप्ता और वीरेंद्र गुप्ता शामिल हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि डॉ. बलिराम हेडगेवार को मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान कर राष्ट्र को उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर दिया जाए।