हिसार में बनेगा नया रिंग रोड,मय्यड़ से राजगढ़ रोड और NH-52 तक जुड़ेगा मार्ग
हिसार में नया रिंग रोड बनेगा। मंत्री रणबीर गंगवा ने हाफ-लूप डिजाइन फाइनल किया है, जिससे बाहरी ट्रैफिक शहर के बाहर डायवर्ट होगा।
हिसार के चारों ओर बनेगा नया रिंग रोड, हाफ-लूप का डिजाइन फाइनल
➤ मय्यड़ से राजगढ़ रोड और तलवंडी के रास्ते NH-52 से जुड़ेगा नया मार्ग
➤ करीब 25 हजार PCU ट्रैफिक को शहर से बाहर डायवर्ट करने में मिलेगी मदद
हिसार शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए चारों ओर रिंग रोड का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ा है। हरियाणा के पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने स्थानीय पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ मिलकर हिसार रिंग रोड के हाफ-लूप का डिजाइन फाइनल किया है। मय्यड़ क्षेत्र में प्रस्तावित यह हिस्सा कॉस्ट-इफेक्टिव और व्यावहारिक समाधान के तौर पर तैयार किया जा रहा है।
इस रिंग रोड का स्वरूप कैंची जैसा हाफ-लूप होगा। यह हांसी-दिल्ली बाइपास पर मय्यड़ से शुरू होकर कैमरी के पास राजगढ़ रोड पर उतरेगा। इसका दूसरा कट तलवंडी के पास पहुंचेगा और वहां से सिरसा-चंडीगढ़ रोड (NH-52) से कनेक्शन होगा। इस तरह शहर के चारों ओर डायमंड शेप का रिंग रोड नेटवर्क तैयार करने की योजना है।
शहर के बाहर डायवर्ट होगा भारी और बाहरी ट्रैफिक
रिंग रोड तैयार होने के बाद ऐसे वाहनों को शहर के अंदर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी, जिन्हें हिसार शहर में प्रवेश नहीं करना है। बाहरी और भारी ट्रैफिक को शहर के बाहर ही अलग-अलग मार्गों की ओर डायवर्ट किया जा सकेगा।
इससे वाहन चालक सीधे राजगढ़ बाइपास या सिरसा बाइपास की ओर जा सकेंगे। वर्तमान में शहर से होकर गुजरने वाले बाहरी ट्रैफिक के कारण कई प्रमुख सड़कों पर दबाव बढ़ता है। रिंग रोड के बाद इस दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रोज करीब 25 हजार PCU ट्रैफिक इनर बाइपास पर
पीडब्ल्यूडी के अनुसार, हिसार शहर में ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में करीब 25 हजार PCU प्रतिदिन ट्रैफिक इनर बाइपास का इस्तेमाल करता है। आउटर रिंग रोड बनने के बाद इस ट्रैफिक को अलग-अलग बाहरी मार्गों पर वितरित किया जा सकेगा।
इसके बाद करीब 8–10 हजार PCU ही ऐसा ट्रैफिक रहने का अनुमान है, जिसे वास्तव में हिसार शहर में प्रवेश करने की जरूरत होगी। बाकी ट्रैफिक शहर को बाइपास करके अपने गंतव्य की ओर जा सकेगा।
भविष्य में भी ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद
प्रस्तावित रिंग रोड को हिसार की मौजूदा और भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों को देखते हुए तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहर के चारों ओर एक ऐसा बाहरी मार्ग तैयार करना है, जहां से बाहर का ट्रैफिक शहर में प्रवेश किए बिना आगे निकल सके।
इससे शहर के अंदर ट्रैफिक डीकंजेशन कम करने में मदद मिलेगी। प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव घटने से ट्रैफिक फ्लो बेहतर होने और यात्रा समय कम होने की उम्मीद है।
सड़क हादसों के जोखिम में भी कमी की उम्मीद
रिंग रोड का एक अहम उद्देश्य बाहरी और भारी वाहनों को शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों से बाहर रखना है। इससे शहर के भीतर वाहनों की संख्या और ट्रैफिक दबाव कम हो सकता है, जिससे दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में भी मदद मिलेगी।
फिलहाल हाफ-लूप को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। पीडब्ल्यूडी की ओर से इसे जल्द सिरे चढ़ाने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
हरियाणा सरकार ने सितंबर में हिसार समेत कई शहरों में रिंग रोड और बाइपास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी थी। सरकार के अनुसार, हिसार बाइपास को हिसार-राजगढ़ रोड (NH-52) से हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ने की योजना है।
इससे पहले सितंबर में सामने आई जानकारी के अनुसार, हिसार के प्रस्तावित रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और करीब 270 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की योजना बताई गई थी।
रिंग रोड से ये फायदे होंगे
- शहर में ट्रैफिक दबाव और जाम कम होगा।
- बाहरी और भारी वाहनों को शहर के बाहर से निकाला जा सकेगा।
- यात्रा के समय में कमी आने की उम्मीद है।
- प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा।
- शहर के भीतर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी।
Akhil Mahajan