जिंदल रियल्टी लिमिटेड के राजस्व रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा:सोनीपत के अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप; जानें पूरा मामला

सोनीपत के राठधाना गांव की जमीन को लेकर जिंदल रियल्टी लिमिटेड ने फर्जीवाड़े और धमकी की शिकायत दर्ज कराई है। कंपनी ने कई लोगों और राजस्व अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। आर्थिक अपराध शाखा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

जिंदल रियल्टी लिमिटेड के राजस्व रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा:सोनीपत के अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप; जानें पूरा मामला


➤ जिंदल रियल्टी लिमिटेड ने राठधाना गांव की जमीन पर फर्जीवाड़े का लगाया आरोप
➤ दस्तावेजों में हेराफेरी और धमकी देकर कब्जे की कोशिश का दावा
➤ आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद कई धाराओं में मामला दर्ज


सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत जिले में एक बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है। प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कंपनी जिंदल रियल्टी लिमिटेड ने पुलिस आयुक्त सोनीपत को दी शिकायत में गांव राठधाना की जमीन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपनी का कहना है कि कुछ व्यक्तियों ने मिलकर दस्तावेजों में हेराफेरी, फर्जी मुकदमे दर्ज कराए और जमीन पर कब्जा करने की साजिश रची। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जिंदल रियल्टी लिमिटेड के प्रतिनिधि हर्षवर्धन ने बताया कि कंपनी ने वर्ष 2006 में राठधाना गांव में लगभग 60 कनाल जमीन खरीदी थी, जिसकी बिक्री विलेख संख्या 953 (27 अप्रैल 2006) के तहत रजिस्टर्ड की गई थी। यह जमीन राजस्व रिकॉर्ड में जिंदल समूह के नाम पर लगातार दर्ज रही और बाद में वैध तरीके से जिंदल रियल्टी लिमिटेड के नाम म्यूटेशन संख्या 9261 और 9271 (12 अप्रैल 2023) में दर्ज हुई।

कंपनी का आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा कर सुनीता-कविता के नामों को बदलकर संगीता-अनीता लिखा गया। कंपनी को 96 कनाल जमीन पर आरएमसी प्लांट लगाने के लिए CLU (चेंज ऑफ लैंड यूज़) की अनुमति 4 अक्टूबर 2023 को मिल चुकी थी, जिसके बाद उन्होंने परियोजना में बड़ा निवेश किया और निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया।

फिर वर्ष 2023 में संगीता और अनीता नामक दो महिलाओं ने 1 कनाल जमीन पर मालिकाना हक दिखाते हुए कोर्ट में मुकदमा दायर किया, जो बाद में वापस ले लिया गया। लेकिन जांच में सामने आया कि 18 अप्रैल 2025 को दोनों ने यह जमीन दलवीर नामक व्यक्ति को बेच दी, जो आरोपी प्रदीप उर्फ मोना का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है।

कंपनी ने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल एक सुनियोजित साजिश के तहत रचा गया। आरोपियों ने मई 2025 में जमीन की अदला-बदली की मांग की और ऐसा न करने पर निर्माण रुकवाने की धमकी दी। कई बार साइट पर जाकर मजदूरों को धमकाया गया और कंपनी के काम में बाधा पहुंचाई गई।

कंपनी ने 16 मई 2025 को डीसी सोनीपत के पास आवेदन देकर राजस्व रिकॉर्ड में की गई फर्जी प्रविष्टियों को चुनौती दी। साथ ही पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत में प्रदीप उर्फ मोना, अनीता, संगीता, दलवीर और संबंधित राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

आर्थिक अपराध शाखा (Economic Cell) की रिपोर्ट और अधिकारियों के आदेशों के बाद थाना शहर सोनीपत में धारा 316(4), 318(4), 337, 338, 336(3), 340(1), 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच की जिम्मेदारी एसआई नरेंद्र को सौंपी गई है।

कंपनी ने पुलिस से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उनकी संपत्ति और कर्मचारियों को किसी भी तरह की धमकी या नुकसान से बचाया जाए। कंपनी ने आश्वासन दिया कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगी ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके और सच सामने आए।