झज्जर में महिला ने मंत्री का काफिला रोका, 15 साल पुरानी शिकायत को लेकर हंगामा

झज्जर में महिला ने 15 साल पुराने प्लॉट विवाद को लेकर मंत्री का काफिला रोका, पुलिस ने हटाया, मंत्री ने जांच का दिया आश्वासन।

झज्जर में महिला ने मंत्री का काफिला रोका, 15 साल पुरानी शिकायत को लेकर हंगामा

■ प्लॉट विवाद में महिला ने मंत्री की गाड़ी के आगे खड़े होकर रोका काफिला
■ अंगुली दिखाकर बोली- पहले मेरी सुनो, फिर जाने दूंगी
■ पुलिस ने खींचकर हटाया, मंत्री ने कार्रवाई का दिया आश्वासन


हरियाणा के झज्जर में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एक महिला ने अपनी शिकायत को लेकर सीधे मंत्री का काफिला रोक दिया। यह घटना उस समय हुई जब राज्य के कृषि मंत्री Shyam Singh Rana ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के बाद संवाद भवन से बाहर निकल रहे थे। जैसे ही मंत्री अपनी गाड़ी में बैठने लगे, एक महिला अचानक उनके वाहन के सामने आकर खड़ी हो गई और जोर-जोर से अपनी बात रखने लगी।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला को हटाने की कोशिश की, लेकिन वह जिद पर अड़ी रही। वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिला अंगुली दिखाते हुए कह रही है— “जब तक मेरी बात नहीं सुनेंगे, मैं गाड़ी के आगे से नहीं हटूंगी।” इस दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी ने उसे खींचकर हटाने की कोशिश भी की, लेकिन महिला लगातार मंत्री से मिलने की मांग करती रही।

हंगामा बढ़ता देख मंत्री Shyam Singh Rana ने खुद महिला को अपने पास बुलाया और उसकी पूरी शिकायत सुनी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। हालांकि महिला का आरोप है कि मंत्री के जाते ही अधिकारियों ने उसकी बात नहीं सुनी और मौके से चले गए।

महिला की पहचान झज्जर के हसनपुर निवासी जगपति के रूप में हुई है। उसने बताया कि उसने वर्ष 2011 में करीब 7.5 लाख रुपये में 300 वर्ग गज का प्लॉट खरीदा था, लेकिन आज तक उसकी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। महिला का आरोप है कि प्लॉट विक्रेता ने एग्रीमेंट में कम राशि दर्ज करवाई और बाद में रजिस्ट्री टालता रहा।

महिला ने यह भी बताया कि उसने इस मामले को लेकर कई बार थाना और तहसील के चक्कर काटे, लेकिन कहीं से कोई समाधान नहीं मिला। इसी वजह से मजबूर होकर उसने मंत्री का काफिला रोककर अपनी बात रखने का फैसला लिया।

इस पूरे मामले पर झज्जर के डीसी Swapnil Ravindra Patil ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और धोखाधड़ी के पहलू को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच झज्जर डीसीपी को सौंपी गई है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आम नागरिक अपनी शिकायतों के समाधान के लिए किस हद तक जाने को मजबूर हो रहा है।