जीत से लौटते खिलाड़ी की दर्दनाक मौत, रेलवे ट्रैक पर मिला शव

भिवानी के 70 वर्षीय इंटरनेशनल एथलीट फूल कुंवार की सोनीपत में रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वे खेलो इंडिया में 3 मेडल जीतकर लौट रहे थे।

जीत से लौटते खिलाड़ी की दर्दनाक मौत, रेलवे ट्रैक पर मिला शव

सोनीपत में रेलवे ट्रैक पर मिला 70 वर्षीय इंटरनेशनल एथलीट का शव
3 मेडल जीतकर शताब्दी एक्सप्रेस से लौट रहे थे, हादसा बना रहस्य
परिवार ने जताया शक, पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी


हरियाणा के भिवानी के 70 वर्षीय इंटरनेशनल एथलीट फूल कुंवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। देश का नाम रोशन करने वाले इस खिलाड़ी का शव सोनीपत में राठधाना और नरेला के बीच रेलवे ट्रैक पर मिला, जिससे मामला पूरी तरह रहस्यमय बन गया है।फूल कुंवार कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस से चंडीगढ़ से अपने घर लौट रहे थे। वे हाल ही में आयोजित खेलो इंडिया प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर 3 मेडल जीतकर लौट रहे थे, लेकिन उनका यह सफर अधूरा रह गया।70 साल के फूल कुंवार 21 और 22 मार्च को चंडीगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गए थे।(फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि या तो वे ट्रेन के दरवाजे से गिर गए या फिर किसी ने धक्का दिया। हालांकि अभी तक किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे यह मामला और भी संदेहास्पद हो गया है।पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और जीआरपी पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।फूल कुंवार 21 और 22 मार्च को चंडीगढ़ में आयोजित प्रतियोगिता में शामिल हुए थे। उन्होंने हाई जंप और हैमर थ्रो में गोल्ड मेडल, जबकि शॉट पुट में सिल्वर मेडल जीता था।घर लौटते समय परिवार उनके स्वागत की तैयारी कर रहा था, लेकिन यह खुशी कुछ ही घंटों में गहरे दुख में बदल गई।फूल कुंवार का खेल जीवन बेहद गौरवपूर्ण रहा। उन्होंने 1978 से 1986 के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैकड़ों मेडल जीते70 साल की उम्र में भी वे रोज सुबह और शाम दो-दो घंटे प्रैक्टिस करते थे फूल कुंवार।

बांस कूद (पोल वॉल्ट), शॉट पुट और हैमर थ्रो उनके प्रमुख इवेंट थे। 1982 में उन्होंने पोल वॉल्ट में नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया था। जर्मनी, मलेशिया, चीन और जापान जैसे देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर कई स्वर्ण पदक जीते।खेल के साथ-साथ उन्होंने सरकारी सेवा में भी अहम योगदान दिया। 1978 में वे हरियाणा पुलिस में एएसआई बने और बाद में 1982 में रेलवे में चीफ टिकट इंस्पेक्टर के पद पर कार्य किया, जहां से सेवानिवृत्त हुए।बांस कूद के दौरान फूल कुंवार (फाइल फोटो)

रिटायरमेंट के बाद भी उन्होंने खेल को नहीं छोड़ा। वे मास्टर एथलेटिक्स में सक्रिय रहे और रोजाना सुबह-शाम घंटों अभ्यास करते थे। युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर प्रेरित करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।परिजनों के अनुसार, उनके साथ ट्रेन में भिवानी के दो अन्य साथी भी थे। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि घटना आखिर कैसे हुई। परिवार ने ट्रेन के CCTV फुटेज खंगालने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।फूल कुंवार अपने पीछे पत्नी और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उनकी मौत से न सिर्फ परिवार बल्कि हरियाणा के खेल जगत को भी गहरा नुकसान हुआ है।