स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट जहाज पर हुए हमले में मौत हिमाचल के नाविक की मौत

ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हुए हमले में हमीरपुर के 23 वर्षीय नाविक आदित्य शर्मा की मौत हो गई। परिवार ने शव जल्द भारत लाने और मामले की जांच की मांग की है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज  के निकट जहाज पर हुए हमले में मौत हिमाचल के नाविक की मौत
  • ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हुए हमले में हमीरपुर के नाविक आदित्य शर्मा की मौत
  • 24 भारतीय क्रू मेंबर में से 21 को सुरक्षित बचाया गया, तीन की मौत की पुष्टि
  • इकलौते बेटे की मौत से गांव हड़ेटा में पसरा मातम, शव जल्द भारत लाने की मांग

ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के 23 वर्षीय नाविक आदित्य शर्मा की मौत की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। आदित्य हमीरपुर के गलोड क्षेत्र के हड़ेटा गांव के रहने वाले थे और जहाज पर डेक कैडेट के रूप में तैनात थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू मेंबर में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है।

आदित्य शर्मा अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। रिश्तेदार, ग्रामीण और शुभचिंतक परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचने लगे। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

विदेश मंत्रालय ने ओमान तट के पास हुए जहाज हमले की पुष्टि करते हुए बताया था कि 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था और तीन नाविक लापता थे। बाद में तीनों की मौत की पुष्टि हुई। भारत सरकार ने घटना की निंदा करते हुए मामले को गंभीरता से उठाया है।

परिजनों के अनुसार आदित्य शर्मा जल्द ही छुट्टी पर घर आने वाले थे। परिवार भविष्य की योजनाओं को लेकर उत्साहित था, लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया। आदित्य की मौत से न केवल परिवार बल्कि पूरा गांव स्तब्ध है।

आदित्य के चाचा संजीव लखनपाल ने कहा कि परिवार को इस घटना से गहरा सदमा पहुंचा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से मांग की है कि आदित्य का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग उठाई कि हमले के समय जहाज पर क्या परिस्थितियां थीं, इसकी पूरी जानकारी परिवार को दी जाए।

आदित्य के दादा अशोक कुमार ने कहा कि उनका एकमात्र पोता उनसे हमेशा के लिए बिछड़ गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने बेटे की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भारत सरकार से शव जल्द गांव पहुंचाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि परिवार यह जानना चाहता है कि घटना के अंतिम क्षणों में क्या हुआ था और किस परिस्थिति में यह दुखद हादसा हुआ।

आदित्य के चचेरे भाई सुरेश शर्मा ने भी सरकार से मांग की कि मृतकों के शवों को जल्द भारत लाया जाए ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सके। उन्होंने बताया कि परिवार को रात में फोन के माध्यम से घटना की जानकारी मिली थी।

बताया जा रहा है कि आदित्य शर्मा जहाज पर डेक कैडेट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे और समुद्री क्षेत्र में करियर की शुरुआत कर रहे थे। उनकी असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिवार और ग्रामीण अब सरकार से त्वरित कार्रवाई और सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं।