रोहतक एमडीयू में रजिस्ट्रार के खिलाफ धरने पर कर्मचारी:एडम ब्लॉक में कामकाज ठप्प
रोहतक की एमडीयू यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार के खिलाफ कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है, जिससे एडम ब्लॉक का काम ठप्प हो गया और छात्रों को परेशानी हुई।
■ एमडीयू में रजिस्ट्रार के खिलाफ कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
■ रिटायर्ड कर्मचारी को OSD बनाने पर भड़का विवाद
■ एडम ब्लॉक का काम ठप्प, स्टूडेंट्स को हुई परेशानी
हरियाणा के रोहतक स्थित महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) में प्रशासनिक विवाद गहराता जा रहा है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णकांत गुप्ता के खिलाफ कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। विवाद की जड़ रजिस्ट्रार द्वारा एक रिटायर्ड कर्मचारी को छुट्टी के दिन OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) नियुक्त करना बताया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
एमडीयू नॉन-टीचिंग स्टाफ एसोसिएशन के प्रधान सुरेश ने बताया कि 1 अप्रैल को एसोसिएशन की बैठक में मांगों को लेकर सांकेतिक धरना देने का फैसला लिया गया था। इस बीच वाइस चांसलर प्रो. सोमनाथ सचदेवा की ओर से आश्वासन मिला कि 4 अप्रैल तक उनकी मांगों का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन तय समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इसके बाद कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए आंदोलन तेज कर दिया। प्रधान सुरेश के अनुसार, उन्होंने वीसी से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में जाकर भी मुलाकात की, जहां वीसी ने दीक्षांत समारोह में व्यस्तता का हवाला देते हुए 3 दिन का अतिरिक्त समय मांगा था। कर्मचारियों ने इस पर सहमति जताई थी, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
कर्मचारियों का आरोप है कि रजिस्ट्रार ने 62 वर्षीय रिटायर्ड कर्मचारी को OSD नियुक्त कर दिया, जो नियमों के खिलाफ है। जब इस फैसले का विरोध किया गया तो प्रशासन की ओर से कहा गया कि संबंधित OSD ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन रजिस्ट्रार इस मुद्दे पर बातचीत करने को तैयार नहीं हुए।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कर्मचारियों ने रजिस्ट्रार से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मिलने से इनकार कर दिया। इससे आक्रोशित कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया और रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की।
धरने और हड़ताल का असर यूनिवर्सिटी के कामकाज पर भी साफ दिखा। एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक का काम पूरी तरह ठप्प हो गया, जिससे छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जिन छात्रों के फॉर्म भरने की अंतिम तिथि थी, उनका काम किया गया, ताकि किसी का नुकसान न हो।
फिलहाल यूनिवर्सिटी में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह विवाद और गहरा सकता है।
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