समालखा पुलिस ने आईटीआई बापौली में छात्रों को दिलाई नशा न करने की शपथ

समालखा पुलिस ने आईटीआई बापौली में छात्रों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। एएसआई जगपाल सिंह ने नशे के दुष्परिणाम बताते हुए कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण सभी की जिम्मेदारी है।

समालखा पुलिस ने आईटीआई बापौली में छात्रों को दिलाई नशा न करने की शपथ

➤ समालखा पुलिस ने आईटीआई बापौली में छात्रों को नशे के दुष्परिणाम बताए
➤ एएसआई जगपाल सिंह ने छात्रों को जीवनभर नशा न करने की शपथ दिलवाई
➤ अभियान डीएसपी समालखा की देखरेख और एसपी पानीपत के मार्गदर्शन में चल रहा है

समालखा,अशोक शर्मा

समालखा के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बापौली में शुक्रवार को पुलिस द्वारा विशेष नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान समालखा पुलिस के एएसआई जगपाल सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे और विद्यार्थियों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को शपथ भी दिलाई गई कि वे अपने जीवन में कभी भी नशे का सेवन नहीं करेंगे।

एएसआई जगपाल सिंह ने बच्चों से शपथ दिलाते हुए कहा—“मैं किसी भी प्रकार का नशा न करता था, न करता हूँ और न ही भविष्य में करूंगा। साथ ही अपने विद्यालय के मित्रों, मोहल्ले के साथियों, परिवार के सदस्यों और समाज के अन्य लोगों को भी नशे से दूर रखूंगा ताकि नशा मुक्त समाज के निर्माण का सच्चा सेवक बन सकूं।”

उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल सरकार या किसी संस्था का दायित्व नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज के सभी स्तंभों—छात्रों, अध्यापकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों को इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अपनी शक्ति और सहयोग देना चाहिए।

एएसआई ने यह भी स्पष्ट किया कि नशे से समाज का ताना-बाना कमजोर होता है और युवा पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ता है। इसलिए हर व्यक्ति को इसके दुष्परिणामों को समझकर इससे दूर रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति नशा करता या नशीले पदार्थ बेचता हुआ पाया गया तो कानून के तहत उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

यह अभियान पुलिस अधीक्षक पानीपत के निर्देश पर और डीएसपी समालखा की देखरेख में चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज को नशे की बुराई से मुक्त कर सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का निर्माण करना है।