हरियाणा की हाईटेक जेल से फरार दोनों बंदी पकड़े , 7 वार्डर सस्पेंड
रेवाड़ी की हाईटेक जेल से दो बंदी सीढ़ी लगाकर फरार हुए, DG ने 7 वार्डर सस्पेंड किए, पुलिस ने दोनों आरोपियों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।
■ रेवाड़ी हाईटेक जेल से 2 बंदी फरार, DG का बड़ा एक्शन
■ सीढ़ी लगाकर दीवार फांदी, 7 वार्डर सस्पेंड
■ दोनों आरोपी कुछ घंटों में गिरफ्तार, सुरक्षा पर उठे सवाल
हरियाणा की हाईटेक मानी जाने वाली रेवाड़ी जेल से दो बंदियों के फरार होने की घटना ने पूरे सिस्टम को हिला दिया है। शुक्रवार शाम गिनती के दौरान जब दो बंदी कम मिले तो जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने जेल परिसर में मौजूद सीढ़ी का इस्तेमाल कर दीवार फांदकर फरार होने की योजना को अंजाम दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद हरियाणा के डीजी जेल आलोक मित्तल ने तुरंत सख्त कार्रवाई करते हुए 7 जेल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। इनमें 5 हेड वार्डर और 2 वार्डर शामिल हैं। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस लापरवाही को गंभीरता से ले रहा है और दोषियों पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार फरार हुए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान रामपुर निवासी फैजान (22) और इटावा निवासी जाहिद (21) के रूप में हुई है। दोनों ऑनलाइन ठगी के मामलों में जेल में बंद थे और उनके खिलाफ कोर्ट में ट्रायल चल रहा था।
सहायक जेल उपाधीक्षक मुस्ताक अहमद की शिकायत के अनुसार 27 मार्च को शाम की गिनती के दौरान दोनों बंदी गायब पाए गए। पूरे जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जेल में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान लाई गई सीढ़ी और अन्य सामान का इस्तेमाल कर दोनों आरोपियों ने दीवार फांदी। बताया जा रहा है कि आरोपी कई दिनों से फरार होने का मौका तलाश रहे थे और जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने अपनी योजना को अंजाम दे दिया।
रेवाड़ी के एसपी हेमेंद्र मीणा के अनुसार पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को शनिवार सुबह और दूसरे को देर शाम गिरफ्तार कर लिया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी स्पेशल टास्क फोर्स बी सतीश बालन भी मौके पर पहुंचे और जेल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
इस घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि यह जेल प्रदेश की हाईटेक जेलों में गिनी जाती है, जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जाता रहा है। बावजूद इसके दिनदहाड़े बंदियों का इस तरह फरार होना सिस्टम की बड़ी चूक को उजागर करता है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस फरारी के पीछे और कौन-कौन शामिल था और क्या किसी अंदरूनी मदद की भूमिका रही है।
Akhil Mahajan