राजस्व विभाग ने महंत ज्योतिगिरी से 570 गज जमीन मुक्त करवाई, ग्रामीण बोले- गांव में नहीं घुसने देंगे; महंत का जवाब -समय आने पर आऊंगा

गुरुग्राम के भौड़ा कलां गांव में हनुमान मंदिर को लेकर विवादित जमीन मुक्त करवाई गई। राजस्व विभाग ने महंत ज्योतिगिरी के कब्जे वाली 570 गज जमीन पंचायत को सौंप दी, ग्रामीणों ने महंत के प्रवेश पर रोक लगाई

राजस्व विभाग ने महंत ज्योतिगिरी से 570 गज जमीन मुक्त करवाई, ग्रामीण बोले- गांव में नहीं घुसने देंगे; महंत का जवाब -समय आने पर आऊंगा

भौड़ा कलां गांव में हनुमान मंदिर विवादित जमीन मुक्त
➤ राजस्व विभाग ने महंत ज्योतिगिरी के 570 गज कब्जे वाली जमीन पंचायत को सौंपा
➤ ग्रामीणों ने महंत के गांव में प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया


गुरुग्राम – भौड़ा कलां गांव में हनुमान मंदिर को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में बुधवार को नया मोड़ आया। राजस्व विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर विवादित जमीन की पैमाइश की और आश्रम के महंत ज्योतिगिरी द्वारा कथित रूप से कब्जाई गई 570 गज जमीन को मुक्त करवाया।

सरपंच मनबीर सिंह, अन्य गांव के लोग और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में कई घंटे तक पैमाइश की गई। जो जमीन मुक्त करवाई गई, उसका कब्जा पंचायत को सौंपा गया। शाम को गांववासियों की एक बैठक में निर्णय लिया गया कि महंत ज्योतिगिरी को गांव में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

महंत ज्योतिगिरी ने फोन पर कहा कि यदि पैमाइश में कुछ जमीन पंचायत की निकली है तो उन्हें कोई एतराज नहीं है। उन्होंने बताया कि गांव में उनकी व्यक्तिगत खरीदी हुई जमीन भी है और समय आने पर वे अपने आश्रम में आएंगे।

भौड़ा कलां गांव में विवादित महंत ज्योतिगिरी की जमीन की पैमाइश करते राजस्व विभाग के अधिकारी।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महंत ने हनुमान मंदिर के पास पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा कर आश्रम बनवाया और दान के पैसों का गलत इस्तेमाल किया। सरपंच ने कहा कि महंत ने धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर ग्रामीणों को गुमराह किया।

पिछले कई सालों में पंचायत की बैठकें हुईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। आखिरकार, ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व विभाग ने हस्तक्षेप किया और पैमाइश के बाद 570 गज जमीन पंचायत को सौंप दी गई।

महंत ज्योतिगिरी ने कहा, "मैंने कभी जबरदस्ती कब्जा नहीं किया। मेरी निजी जमीन गांव में है और जब समय अनुकूल होगा, मैं अपने आश्रम में जरूर आऊंगा।" हालांकि उन्होंने फिलहाल गांव में आने से इनकार किया।

पुलिस ने गांव में शांति बनाए रखने के लिए बल तैनात किया। अधिकारियों का कहना है कि पैमाइश पारदर्शी तरीके से हुई और जमीन का मालिकाना हक पंचायत को सौंप दिया गया।

ज्योतिगिरी की कहानी:
ज्योतिगिरी मूल रूप से रोहतक के जसिया गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने गुरुग्राम, उज्जैन, काशी और हरिद्वार समेत देशभर में आश्रम और अस्पताल स्थापित किए हैं। साल 2019 में उनके अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद वह फरार हो गए थे। इस साल जनवरी में उन्होंने वीडियो के माध्यम से गांव लौटने का इरादा जाहिर किया, लेकिन प्रशासन और ग्रामीणों के विरोध के चलते अभी तक स्थायी रूप से नहीं आए।