IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस: DGP कपूर की आलोक मित्तल ! परिवार अड़ा, जब तक गिरफ्तारी नहीं, अंतिम संस्कार नहीं
हरियाणा के IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में बड़ा धमाका। DGP शत्रुजीत कपूर समेत 15 अफसरों पर FIR दर्ज, आलोक मित्तल को नई जिम्मेदारी देने की तैयारी, परिवार आज शाम करेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस।
➤DGP कपूर का जाना तय, IAS-IPS समेत 15 अफसरों पर FIR दर्ज
➤पूरन कुमार परिवार की शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस तय
➤केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी सीएम सैनी को लिखा पत्र- निष्पक्ष जांच की मांग
➤ परिवार की सुरक्षा बढ़ाई:15 अफसरों पर FIR के बाद SIT बनी
हरियाणा प्रशासन में मचे सियासी और अफसरशाही भूचाल के बीच आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस ने नया मोड़ ले लिया है। चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में डीजीपी शत्रुजीत कपूर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित कुल 15 वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह हरियाणा के इतिहास का पहला मौका है, जब DGP और चीफ सेक्रेटरी दोनों एक ही केस में आरोपी बनाए गए हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने जांच के लिए IG पुष्पेंद्र कुमार की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय SIT बना दी है।
यह एफआईआर वाई पूरन कुमार के सुसाइड नोट के आधार पर दर्ज हुई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों के नाम स्पष्ट रूप से लिखे थे। एफआईआर सेक्टर-11 थाना चंडीगढ़ में भारत न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 3(5) और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत दर्ज की गई।
पूरन कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने एफआईआर दर्ज होने पर एतराज जताया है। उन्होंने पुलिस से कहा कि एफआईआर में आरोपियों के नाम अलग कॉलम में लिखे जाएं और इसे फिक्स फॉर्मेट में दोबारा तैयार किया जाए। बताया जा रहा है कि इसको लेकर उनकी SSP कंवरदीप कौर से हॉट टॉक भी हुई।
पूरन कुमार की मौत को चार दिन हो चुके हैं, लेकिन परिवार अब तक पोस्टमॉर्टम के लिए राजी नहीं हुआ। परिवार ने स्पष्ट कहा है कि जब तक DGP कपूर को पद से नहीं हटाया जाता और रोहतक SP की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसी बीच परिवार आज शाम चार बजे चंडीगढ़ सेक्टर-39 स्थित सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। सूत्रों के अनुसार, अमनीत कुमार खुद प्रेस में शामिल होंगी और अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखेंगी।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने DGP शत्रुजीत कपूर को हटाने का मन बना लिया है। उनकी जगह एडीजीपी आलोक मित्तल को नई जिम्मेदारी देने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि आलोक मित्तल देर रात सीएम नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर चुके हैं।
राज्य सरकार ने आलोक मित्तल की डीजी रैंक प्रमोशन फाइल मंजूर कर दी है, जिससे वे अब डीजीपी रैंक के अधिकारी बन गए हैं। वहीं आईपीएस अशिन्द्र सिंह चावला को भी डीजी रैंक दी गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच हरियाणा सिविल सर्विस ऑफिसर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर मुख्य सचिव और सभी आरोपियों को पद से हटाने की मांग की है। साथ ही IAS एसोसिएशन ने भी आज शाम पांच बजे अहम बैठक बुलाई है, जिसमें पूरे प्रकरण पर चर्चा होगी।
संविधान विशेषज्ञ विराम गुप्ता के अनुसार, सरकारी अधिकारी पर एफआईआर दर्ज करने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन मुकदमा शुरू करने से पहले सरकार या सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि अगर अभियोजन की अनुमति नहीं दी गई तो केस प्रोसीक्यूशन स्टेज पर खारिज भी हो सकता है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी सीएम सैनी को लिखा पत्र- निष्पक्ष जांच की मांग की है!
एक्शन फिलहाल टला, जांच तक इंतजार
यह केस केंद्रशासित चंडीगढ़ में दर्ज हुआ है, जबकि आरोपी अधिकारी हरियाणा कैडर से हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि जांच पूरी होने तक सरकार किसी अफसर पर सीधा एक्शन नहीं लेगी। फिलहाल, रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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