हरियाणा के ₹818.96 करोड़ बैंक घोटाले में ‘सुकून’ ग्रुप का खुलासा,चेक क्लीयरेंस और 3 IAS की आवाज मैच का दावा

हरियाणा के ₹818.96 करोड़ बैंक घोटाले में ‘सुकून’ व्हाट्सऐप ग्रुप की चैट सामने आई। सीबीआई चार्जशीट में 3 IAS अफसरों की आवाज मैच का दावा है।

हरियाणा के ₹818.96 करोड़ बैंक घोटाले में ‘सुकून’ ग्रुप का खुलासा,चेक क्लीयरेंस और 3 IAS की आवाज मैच का दावा

‘सुकून’ व्हाट्सऐप ग्रुप में जाली एफडी, चेक क्लीयरेंस और फंड ट्रांसफर की चैट सामने आई
➤ सीबीआई की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में 3 IAS अफसरों समेत कई आरोपियों की आवाज के ऑडियो मैच का दावा
➤ ₹818.96 करोड़ के बैंक घोटाले में कुछ अतिरिक्त मोबाइल और डिलीट ऑडियो की रिपोर्ट अभी बाकी

पंचकूला। हरियाणा में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े ₹818.96 करोड़ के बैंक घोटाले की जांच में एक ऐसे व्हाट्सऐप ग्रुप का खुलासा हुआ है, जिसका नाम ‘सुकून’ रखा गया था। सीबीआई की सप्लीमेंट्री चार्जशीट के अनुसार, इस ग्रुप में सरकारी फंड के कथित अनधिकृत ट्रांसफर, जाली एफडी, चेक क्लीयरेंस और कमीशन के पैसों से जुड़े संदेश और वॉयस नोट्स मिले हैं।

सीबीआई ने इन चैट्स और वॉयस मैसेज को साक्ष्य के तौर पर अदालत में दाखिल किया है। जांच के अनुसार, ग्रुप का इस्तेमाल सरकारी फंड के अनधिकृत ट्रांसफर और कमीशन की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए किया जाता था। ग्रुप का नाम भले ही ‘सुकून’ था, लेकिन जांच एजेंसी के मुताबिक इसमें शांति या सुकून से जुड़ी बातें नहीं, बल्कि पैसों के लेन-देन और कथित बैंकिंग गड़बड़ियों से जुड़ी बातचीत थी।

इस मामले में मुख्य सूत्रधार बताए गए रिभव ऋषि, अभय सिंगला, उनकी पत्नी स्वाति सिंगला और साला अभिषेक सिंगला की तस्वीरें भी मामले से जुड़ी सामग्री में सामने आई हैं।

तीन चैट और वॉयस मैसेज से सामने आई घोटाले की तस्वीर

सीबीआई की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल सामग्री के अनुसार, ‘सुकून’ ग्रुप में कई ऐसे संदेश मिले, जिनमें बैंकिंग प्रक्रिया को कथित तौर पर प्रभावित करने से जुड़ी बातचीत थी।

एक चैट में विभाग की ओर से ओरिजिनल एफडीआर मांगे जाने की बात कही गई। इसके जवाब में टेम्पलेट तैयार होने, उसका प्रिंट निकालकर सील लगाने और उसे असली पेपर जैसा दिखाने की बात लिखी गई।

दूसरी चैट में साहब के दिल्ली और मुंबई के एयर टिकट्स और 5-स्टार होटल की बुकिंग क्रेडिट कार्ड से किए जाने का जिक्र है। संदेश में कन्फर्मेशन टिकट ग्रुप पर भेजने की बात भी कही गई।

तीसरे संदेश में चेक तैयार होने और बिना किसी वेरिफिकेशन के तुरंत क्लीयरेंस देने की बात सामने आई। इसमें पॉजिटिव पे सिस्टम बंद रखने का भी उल्लेख था, ताकि हेड ऑफिस से क्वेरी न आए।

सीबीआई के अनुसार, ये चैट्स आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में हुए ₹818.96 करोड़ के घोटाले से जुड़े आरोपियों की हैं और इन्हें सप्लीमेंट्री चार्जशीट में अदालत के सामने साक्ष्य के तौर पर रखा गया है।

सरकारी फंड से लेकर RTGS तक की बातचीत का दावा

‘सुकून’ ग्रुप की चैट में सरकारी फंड ट्रांसफर कराने से जुड़ी बातचीत भी सामने आई है। एक संदेश में कहा गया कि अगले दिन तक MC यानी नगर निगम और लेबर बोर्ड का फंड आईडीएफसी ब्रांच में आ जाएगा। इसमें एफडी रेट्स का पुराना लेटर लगाने और नया कोटेशन देने की जरूरत नहीं होने की बात कही गई।

एक वॉयस नोट, जिसे सीबीआई ने रिभव ऋषि का बताया है, उसमें चेक तैयार होने और बिना वेरिफिकेशन के तत्काल क्लीयरेंस देने की बात कही गई। इसी संदेश में पॉजिटिव पे सिस्टम बंद रखने का उल्लेख भी है।

एक अन्य वॉयस नोट में, जिसे बिचौलिए का बताया गया है, साइन का मसला हल होने और चेक पर दस्तखत मैच कराने की बात कही गई। इसके बाद उसी दिन RTGS के जरिये ‘स्वस्तिक देश प्रोजेक्ट्स’ के खाते में रकम डालने की बात कही गई।

कमीशन और कैश के साथ सोने में पैसा बदलने की भी बातचीत

चार्जशीट में कमीशन, कट-मनी और कथित लग्जरी इंतजामों से जुड़ी बातचीत का भी उल्लेख है। एक चैट में पूछा गया कि ट्रांसफर का कितना प्रतिशत किस-किसको जाना है और कैश की डिलीवरी का रूट क्या रहेगा।

इसके जवाब में संदेश में लिखा गया कि 40 प्रतिशत बुलियन यानी सोने में कन्वर्ट करा दिया गया है और यह काम सावन ज्वैलर्स के जरिए किया गया। बाकी कैश का पैकेट उसी शाम जीरकपुर वाले ठिकाने पर पहुंचाने की बात कही गई।

जांच एजेंसी के अनुसार, इस तरह की बातचीत से ग्रुप में कथित तौर पर पैसों के ट्रांसफर, कमीशन और रकम के इस्तेमाल को लेकर रियल-टाइम समन्वय का पता चलता है।

3 IAS अफसरों की आवाज के ऑडियो स्पेक्ट्रम मैच का दावा

सीबीआई की चार्जशीट में तीन IAS अधिकारियों की आवाज के फॉरेंसिक मिलान का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, इनके सैंपल की रिपोर्ट मैच हुई है।

पंकज अग्रवाल (IAS)

पंकज अग्रवाल (IAS) तत्कालीन आयुक्त एवं सचिव, स्कूल शिक्षा व कृषि विभाग थे। चार्जशीट के अनुसार, बैंक मैनेजर रिभव ऋषि और बिचौलिए विक्रम वाधवा के साथ हुई फोन कॉल बातचीत और व्हाट्सऐप वॉयस नोट्स का ऑडियो स्पेक्ट्रम फॉरेंसिक जांच में मैच हुआ है।

राम कुमार सिंह (IAS)

राम कुमार सिंह (IAS) तत्कालीन आयुक्त, नगर निगम पंचकूला थे। सीबीआई के अनुसार, नगर निगम के खातों से कथित अनधिकृत फंड ट्रांसफर और चेक क्लीयरेंस से जुड़ी रिकॉर्डेड कॉल्स के वॉयस स्पेक्ट्रम की फॉरेंसिक पुष्टि हुई है।

प्रदीप कुमार (IAS)

प्रदीप कुमार (IAS) तत्कालीन सदस्य सचिव, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड थे। चार्जशीट के मुताबिक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में कथित अनधिकृत खाते खुलवाने और फंड ट्रांसफर से जुड़े वॉयस मैसेजेस का मिलान हुआ है।

रिभव ऋषि और विक्रम वाधवा की आवाज को लेकर भी फॉरेंसिक रिपोर्ट

सीबीआई के अनुसार, रिभव ऋषि, जो आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक थे, उनकी आवाज का स्पेक्ट्रम गिरफ्तार अधिकारियों, बिचौलियों और शेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत से मैच हुआ है।

वहीं विक्रम वाधवा को मुख्य बिचौलिया/दलाल बताया गया है। अधिकारियों और बैंक मैनेजर्स के बीच हुई व्हाट्सऐप वॉयस कॉलिंग और ऑडियो मैसेजेस में उनकी आवाज के स्पेक्ट्रम का मिलान भी सीएफएसएल रिपोर्ट में कन्फर्म होने की बात चार्जशीट में कही गई है।

शुरुआती फॉरेंसिक जांच में 100 प्रतिशत मैच का दावा, कुछ रिपोर्ट अभी बाकी

सीबीआई जांच के अनुसार, प्राथमिक जांच में जब्त किए गए मोबाइल फोनों और स्पेक्ट्रोग्राफिक टेस्ट में अधिकारियों और बैंक अफसरों की आवाज के स्पेक्ट्रम 100 प्रतिशत मैच पाए गए हैं। इन्हें अदालत में प्रत्यक्ष फॉरेंसिक साक्ष्य के तौर पर पेश किए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। जांच के दौरान बाद में जब्त किए गए कुछ अतिरिक्त मोबाइल डिवाइसेज, एन्क्रिप्टेड चैट बैकअप और डिलीट की गई कुछ ऑडियो फाइल्स की सप्लीमेंट्री वॉयस मैचिंग रिपोर्ट अभी प्रक्रिया में है।

सीबीआई के अनुसार, इन रिपोर्टों को पूरक चालान के साथ अदालत में पेश किया जाएगा। ऐसे में इस मामले में आने वाली आगे की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी जांच की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।

₹818.96 करोड़ के मामले में ‘सुकून’ ग्रुप की चैट बनी अहम कड़ी

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े ₹818.96 करोड़ के बैंक घोटाले की जांच में सामने आया ‘सुकून’ व्हाट्सऐप ग्रुप अब मामले की महत्वपूर्ण कड़ियों में शामिल है। सीबीआई की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में ग्रुप की चैट, वॉयस नोट्स और फॉरेंसिक रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी अदालत के सामने रखी गई है।

चैट में कथित तौर पर जाली एफडीआर तैयार करने, चेक क्लीयरेंस, पॉजिटिव पे सिस्टम बंद रखने, सरकारी फंड ट्रांसफर, RTGS, कमीशन और कैश की डिलीवरी से जुड़े संदेश मिले हैं। साथ ही, एयर टिकट और 5-स्टार होटल बुकिंग से जुड़े संदेश भी चार्जशीट की सामग्री में शामिल हैं।

फिलहाल कुछ अतिरिक्त मोबाइल डिवाइसेज, एन्क्रिप्टेड चैट बैकअप और डिलीट ऑडियो फाइल्स की फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आना बाकी है। सीबीआई इन रिपोर्टों को आगे पूरक चालान के साथ अदालत में पेश करेगी।