ट्रंप को झटके पर झटका! Trump Tariff की खैर नहीं, मदर ऑफ ऑल डील्स की ओर भारत-यूरोप

ट्रंप टैरिफ के बीच भारत और यूरोपीय यूनियन ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील के करीब हैं, जिससे 2 अरब लोगों का साझा बाजार और नया पावर ब्लॉक बनेगा।

ट्रंप को झटके पर झटका! Trump Tariff की खैर नहीं, मदर ऑफ ऑल डील्स की ओर भारत-यूरोप
  • भारत–यूरोप फ्री ट्रेड डील अंतिम दौर में पहुंची
  • 2 अरब लोगों का साझा बाजार बनने की तैयारी
  • ट्रंप टैरिफ के बीच उभरेगा नया वैश्विक पावर ब्लॉक


दुनिया में ट्रेड वॉर और ट्रंप टैरिफ की हलचल के बीच भारत और यूरोपीय यूनियन एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बेहद करीब पहुंच गए हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने साफ कहा कि यह डील ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ साबित हो सकती है।

वॉन डेर लेयेन के अनुसार, इस समझौते से करीब 2 अरब लोगों का साझा बाजार बनेगा, जो दुनिया की लगभग 25 प्रतिशत वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने माना कि कुछ तकनीकी पहलुओं पर काम बाकी है, लेकिन बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।

यह डील ऐसे समय आगे बढ़ रही है, जब डोनाल्ड ट्रंप के दौर से जुड़ी कठोर अमेरिकी टैरिफ नीति ने वैश्विक सप्लाई चेन को झटका दिया है। इसी पृष्ठभूमि में भारत और 27 देशों वाले यूरोपीय यूनियन एक-दूसरे के लिए भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बनकर उभर रहे हैं।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष 25 से 27 जनवरी के बीच भारत दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता करेंगी। 27 जनवरी को होने वाले इंडिया–ईयू समिट में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बड़ी घोषणा संभव मानी जा रही है।

फिलहाल यूरोपीय यूनियन भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। वित्त वर्ष 2023–24 में भारत–ईयू के बीच 135 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ। प्रस्तावित FTA से ऑटोमोबाइल, फार्मा, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।

ट्रेड डील के साथ-साथ दोनों पक्ष डिफेंस और सिक्योरिटी पार्टनरशिप, साझा रणनीतिक एजेंडा और 2026–2030 का जॉइंट स्ट्रैटेजिक विजन भी पेश कर सकते हैं। इससे भारतीय कंपनियों को यूरोप के डिफेंस प्रोग्राम SAFE में भागीदारी का अवसर मिलेगा। कुल मिलाकर, यह डील सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में नए पावर ब्लॉक के उभार का संकेत मानी जा रही है।