शहीद मोहित चौहान को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

झज्जर के शहीद जवान मोहित चौहान का गिजाड़ोध गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना ने गन फायर कर अंतिम सलामी दी।

शहीद मोहित चौहान को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
  • झज्जर के शहीद मोहित चौहान का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
  • सेना ने गन फायर कर दी अंतिम सलामी, भाई ने दी मुखाग्नि
  • जम्मू-कश्मीर हादसे में 10 जवानों के साथ हुए थे शहीद


हरियाणा के झज्जर जिले के शहीद जवान मोहित चौहान का उनके पैतृक गांव गिजाड़ोध में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। कैप्टन सौरभ कुमार के नेतृत्व में सेना के जवानों ने गन फायर कर शहीद को अंतिम सलामी दी। शहीद के छोटे भाई जितेंद्र ने उन्हें मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार के दौरान सेना के अधिकारियों ने शहीद के पिता सतपाल को तिरंगा सौंपा। बेटे को अंतिम विदाई देते समय पिता भावुक हो गए। शहीद की गर्भवती पत्नी अंजलि की हालत भी बिगड़ती दिखी, जिन्हें परिजनों ने संभाला।

शहीद मोहित की पत्नी उनका पार्थिव शरीर देखते ही भावुक होकर रोने लगी।


इससे पहले सेना का वाहन शहीद का पार्थिव शरीर लेकर झज्जर पहुंचा। रास्ते में स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर शहीद को सलामी दी। शहर से गांव तक युवाओं ने बाइक रैली निकालकर देशभक्ति का संदेश दिया।

भाई जितेंद्र ने शहीद मोहित को मुखाग्नि दी।


गौरतलब है कि 22 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना का वाहन 400 फीट गहरी खाई में गिर गया था। इस हादसे में मोहित चौहान सहित 10 जवान शहीद हो गए थे।

शहीद मोहित के पिता को तिरंगा सौंपते सेना के अधिकारी।

मोहित पांच साल पहले सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। करीब एक साल पहले उनकी शादी हुई थी और उनकी पत्नी ढाई महीने की गर्भवती हैं।

गांव पहुंचा शहीद मोहित चौहान का पार्थिव शरीर।


गांव के सरपंच के अनुसार, मोहित दो भाइयों में बड़े थे। उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई सरकारी स्कूल से की थी और सेना में जाने का जुनून शुरू से था। मेहनत और लगन के बल पर वे सेना में भर्ती हुए और देश सेवा करते हुए शहीद हो गए।