एलएनटी शिक्षा महाविद्यालय पहुंचे राष्ट्र संत गुरु गोविंद देव गिरी जी महाराज

एलएनटी शिक्षा महाविद्यालय समालखा में राष्ट्र संत गुरु गोविंद देव गिरी जी महाराज पहुंचे। गीता के संदेशों से शिक्षा, अध्यात्म और राष्ट्र निर्माण पर दिया प्रेरक संदेश।

एलएनटी शिक्षा महाविद्यालय पहुंचे राष्ट्र संत गुरु गोविंद देव गिरी जी महाराज

राष्ट्र संत गुरु गोविंद देव गिरी जी महाराज का एलएनटी शिक्षा महाविद्यालय में आगमन
श्रीमद् भगवद् गीता के संदेशों से जोड़ा जीवन, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण का सूत्र
कौशल विकास और विकसित भारत अभियान पर बोले – शिक्षा और अध्यात्म से बनेगा आत्मनिर्भर भारत

समालखा | अशोक शर्मा


एलएनटी शिक्षा महाविद्यालय में मंगलवार को एक विशेष और प्रेरणादायक क्षण आया, जब राष्ट्र संत श्री गुरु गोविंद देव गिरी जी महाराज (कोषाध्यक्ष, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट, अयोध्या एवं उपाध्यक्ष, श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट, मथुरा) महाविद्यालय पधारे।
महाविद्यालय की चेयरपर्सन मीनाक्षी गुप्ता और सचिव सुशील गुप्ता ने गुरु जी का फूलों से स्वागत किया। उनके आगमन से विद्यार्थियों और शिक्षकों में आनंद और श्रद्धा का वातावरण बन गया।

गुरु जी ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद् भगवद् गीता ही जीवन का सार है और इसके अध्ययन से मनुष्य अपने सभी दुखों का निवारण कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि आज की शिक्षा केवल आजीविका तक सीमित हो गई है, जबकि इसका उद्देश्य चरित्र निर्माण, आध्यात्मिकता और राष्ट्र सेवा होना चाहिए।

गुरु जी ने कहा कि शिक्षा का सही उपयोग तभी है जब वह अध्यात्म और राष्ट्रीयता से जुड़कर समाज हित में कार्य करे। उन्होंने विद्यार्थियों को गीता पढ़ने और उसमें बताए गए सिद्धांतों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
प्राचार्य डॉ. लोकेश कुमार शर्मा के एक प्रश्न के उत्तर में गुरु जी ने कहा — “हमें शिक्षा के माध्यम से अपनी आजीविका कमानी है, लेकिन अध्यात्म के माध्यम से अपने जीवन को अर्थ देना है।”

उन्होंने आगे कहा कि यज्ञ का हमारे जीवन में अत्यंत महत्व है। यह न केवल धार्मिक कर्मकांड है बल्कि जीवन के दुखों को दूर करने और वातावरण को सकारात्मक बनाने का माध्यम भी है।

महाविद्यालय के सचिव सुशील गुप्ता ने बताया कि गुरु गोविंद देव गिरी जी महाराज सहित देशभर के संतों ने एक नए अभियान ‘कौशल विकास – विकसित भारत’ की शुरुआत की है। इस दिशा में दिल्ली में एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें स्किल इंडिया पर संतों के विचार साझा होंगे।
उन्होंने कहा कि यह अभियान भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है और 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने का संकल्प है।

गुरु जी ने अंत में कहा — “अध्यात्म से जीवन का विकास, शिक्षा से कौशल की प्राप्ति और इन दोनों का उपयोग भारत माता की सेवा में – यही जीवन की पूर्णता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से गीता को पढ़ने और पढ़ाने की प्रेरणा दी ताकि वे मानवता और राष्ट्र सेवा में अपना योगदान दे सकें।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों ने प्रसाद स्वरूप गुरुजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर मैनेजर सत्यनारायण, प्रो. राजेश भारद्वाज, डॉ. बलजीत सिंह, डॉ. दर्शन धीमान, डॉ. सुदेश रानी, डॉ. मनीषा, सोनिया बंसल, प्रदीप कुमार, वरुण तिवारी, गोविंद कुमार चौधरी, कमल शर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।