घुटनों तक पानी के बीच निकली शव यात्रा, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

नूंह के मोहम्मदपुर में बारिश और जलभराव के कारण मदन लाल की अर्थी निकालने में ग्रामीणों को घुटने-घुटने पानी में परेशानी, अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज, सुरक्षित रास्ते की मांग।

घुटनों तक पानी के बीच निकली शव यात्रा, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

➤ नूंह के मोहम्मदपुर में बारिश और जलभराव से अर्थी निकालने में ग्रामीणों को भारी परेशानी
➤ मदन लाल का एक्सप्रेस-वे हादसा, अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज
➤ श्मशान घाट तक सुरक्षित रास्ते की मांग, सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना

हरियाणा के नूंह जिले के तावडू खंड के मोहम्मदपुर गांव में बारिश और जलभराव के कारण हालात बेहद खराब हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दलित समाज के लोग घुटने-घुटने पानी में होकर अर्थी को श्मशान घाट तक ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण इस पर सरपंच और जिला प्रशासन को कोसते नजर आए।

श्मशान घाट के रास्ते में भरे हुए पानी से अर्थी निकालते वाल्मीकि समाज के लोग। - Dainik Bhaskar

दरअसल, मोहम्मदपुर अहीर थाना क्षेत्र में कुंडली-मानेसर एक्सप्रेस-वे के पास गांव गोयला के समीप एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मदन लाल (43) की मौत हो गई थी। मृतक पिछले लगभग 15 साल से मानेसर स्थित कंपनी में नौकरी कर रहे थे। घटना के समय वह घर से ड्यूटी के लिए जा रहे थे। सूचना मिलने पर परिवार मौके पर पहुंचे और पुलिस की मदद से शव को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया।

परिवार के अनुसार, गांव गोयला में वाल्मीकि समाज के लिए श्मशान भूमि अलग से है, लेकिन 100 साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद वहां जाने का पक्का रास्ता नहीं दिया गया। बरसात के दौरान जलभराव और कीचड़ की वजह से रास्ता चलने लायक नहीं रहता। सोमवार को मदन लाल का अंतिम संस्कार करते समय परिवार और ग्रामीणों को कीचड़ और जलभराव से होकर अर्थी ले जाना पड़ा। कई बार लोग गिरते-गिरते बचते नजर आए।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें ग्रामीणों ने न केवल सरपंच को कोसा बल्कि जिला प्रशासन से श्मशान घाट तक सुरक्षित और पक्का रास्ता बनाने की मांग भी की। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।