➤ पानीपत में 12वीं परीक्षा में सामूहिक नकल का बड़ा खुलासा
➤ CCTV बंद कर चल रहा था संगठित नकल नेटवर्क
➤ 32 छात्र पकड़े गए, स्टाफ और पुलिस पर FIR की सिफारिश
हरियाणा के हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा के अंतिम दिन पानीपत जिले के इसराना और डाहर परीक्षा केंद्रों पर सामूहिक नकल का बड़ा मामला सामने आया है। बुधवार को IT और NSQF विषय की परीक्षा के दौरान यह पूरा खेल उजागर हुआ, जिससे शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बोर्ड चेयरमैन की स्पेशल रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) टीम को छापेमारी के दौरान परीक्षा केंद्रों पर लगे CCTV कैमरे बंद मिलने पर शक हुआ। जब टीम ने गहराई से जांच की, तो सामने आया कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ और पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत से छात्रों को खुलेआम नकल करवाई जा रही थी।
जारी वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि छात्र-छात्राएं एक-दूसरे की कॉपी, किताब और अन्य साधनों से नकल कर रहे हैं। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान शिक्षक भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने इसे रोकने की कोशिश नहीं की।
इस मामले में फिलहाल 2 छात्रों पर केस दर्ज किया गया है, जबकि स्टाफ और पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की गई है। साथ ही परीक्षा को रद्द करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
➤ इसराना केंद्र: योजनाबद्ध तरीके से चल रहा था नकल का नेटवर्क
जांच में इसराना परीक्षा केंद्र पर नकल का एक पूरा नेटवर्क सक्रिय पाया गया। टीम के अनुसार परीक्षा शुरू होते ही CCTV कैमरे बंद कर दिए जाते थे और चेकिंग टीम के पहुंचने पर उन्हें तुरंत चालू कर दिया जाता था।
अंतिम दिन भी यही पैटर्न अपनाया गया। टीम ने मौके पर 32 छात्रों को रंगे हाथों पकड़कर UMC केस दर्ज किए। जांच में मुख्य केंद्र अधीक्षक, अन्य अध्यापक और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
➤ डाहर केंद्र: बिना ID कार्ड के ड्यूटी, लापरवाही उजागर
डाहर परीक्षा केंद्र पर भी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती मिलीं। यहां कई शिक्षक और लिपिक बिना किसी आधिकारिक पहचान पत्र के ड्यूटी करते पाए गए। बोर्ड ने स्कूल प्राचार्य को भी अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर रूप से लापरवाह माना है।
➤ पहले से चल रहा था नकल का खेल
सूत्रों के मुताबिक, इस केंद्र पर पहले पेपर से ही नकल का सिलसिला जारी था। जब भी चेकिंग टीम पहुंचती थी, सब कुछ सामान्य दिखाया जाता था, लेकिन उनके जाते ही कैमरे बंद कर नकल शुरू कर दी जाती थी।
जारी वीडियो 12 मार्च की बताई जा रही है, जिसके बाद भी कई परीक्षाओं में यही खेल जारी रहा। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित और योजनाबद्ध नकल रैकेट था।
➤ परीक्षाएं रद्द और सख्त कार्रवाई की सिफारिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल टीम ने इसराना केंद्र की परीक्षाएं रद्द करने की सिफारिश की है। साथ ही दोषी स्टाफ, केंद्र अधीक्षक और पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और FIR दर्ज करने की अनुशंसा की गई है।
डाहर केंद्र के प्राचार्य और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या परीक्षा प्रणाली में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखना अब भी चुनौती बना हुआ है।