हादसे ने बदली सोच: पलवल की लेडी टीचर प्रीति मलिक बनीं पहली महिला हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होल्डर

पलवल की प्रीति राहुल मलिक फरीदाबाद-पलवल-मेवात की पहली महिला बनीं, जिन्होंने हैवी ड्राइविंग लाइसेंस हासिल किया। हादसे के बाद ठानकर 35 दिन की रोडवेज ट्रेनिंग पूरी की और ट्रक-बस चलाना सीखकर महिलाओं के लिए मिसाल बनीं।

हादसे ने बदली सोच: पलवल की लेडी टीचर प्रीति मलिक बनीं पहली महिला हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होल्डर
प्रीति मलिक, इंटरनेट फोटो

➤ पलवल की प्रीति मलिक बनीं पहली महिला हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होल्डर
➤ कार हादसे में अपमान के बाद ठानी ट्रक-बस चलाने की ठान
➤ 35 दिन की रोडवेज ट्रेनिंग के बाद पहली ही बार में पास किया टफ टेस्ट

हरियाणा के पलवल जिले की रहने वाली महिला टीचर प्रीति राहुल मलिक ने एक अनोखी उपलब्धि हासिल की है। वह फरीदाबाद, पलवल और मेवात इलाके की पहली महिला बन गई हैं, जिनके पास हैवी ड्राइविंग लाइसेंस है। अब वह न केवल कार बल्कि ट्रक और बस जैसे बड़े वाहन भी आसानी से चला लेती हैं। उनके पास अब स्कूल बस ड्राइवर से लेकर जज की गाड़ी तक चलाने के ऑफर आ रहे हैं।

प्रीति ने यह कदम नौकरी पाने के लिए नहीं उठाया, बल्कि यह उनकी जिद और आत्मसम्मान से जुड़ा था। उनके पास जेबीटी, बीए और बीएड की डिग्रियां हैं, साथ ही फैशन डिजाइनिंग का कोर्स भी किया है। वह एक साल तक बच्चों को पढ़ाने का काम भी कर चुकी हैं।

उनकी जिंदगी का अहम मोड़ जून 2024 में आया, जब रोहतक से लौटते वक्त उनकी कार दूसरी गाड़ी से टकरा गई। इस दौरान दूसरी कार सवारों ने महिलाओं की ड्राइविंग पर तंज कसते हुए कहा कि महिलाएं गाड़ी नहीं चला सकतीं। यह बात प्रीति को भीतर तक चुभ गई। उसी दिन उन्होंने ठान लिया कि वह सिर्फ कार ही नहीं, बल्कि भारी वाहन भी चलाकर दिखाएंगी।

पति राहुल मलिक की सहमति के बाद प्रीति हरियाणा रोडवेज के ट्रेनिंग सेंटर पहुंचीं। वहां वह अपने बैच की इकलौती महिला थीं। 35 दिन की कठिन ट्रेनिंग के बाद उन्होंने सितंबर 2024 में हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया और पहली ही कोशिश में कठिन परीक्षा पास कर ली। दिसंबर 2024 में उनके हाथों में लाइसेंस आ गया।

शुरुआत में प्रीति ने यह बात ससुराल और मायके वालों से छिपाई थी। लेकिन जब उन्होंने अपनी उपलब्धि परिवार को बताई तो सबने उनकी हौसलाअफजाई की। पति राहुल मलिक ने भी गर्व जताया और कहा कि यह काम समाज की सोच को बदलने वाला है।

हरियाणा रोडवेज के प्रशिक्षक सुरेंद्र ने बताया कि प्रीति ने हैवी वाहन इतनी आसानी से सीखा कि पुरुष ड्राइवर भी हैरान रह गए। वह मानते हैं कि यह उपलब्धि आने वाले समय में और महिलाओं को इस क्षेत्र में आने की प्रेरणा देगी।