पूर्व DGP मुस्तफा के बेटे की मौत: SIT ने सुरक्षाकर्मियों से की पूछताछ, पत्‍नी करा लैपटाप फोरेंसिक जांच के लिए भेजा

पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत की जांच SIT कर रही है। पंचकूला स्थित कोठी पर सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ और लैपटॉप फॉरेंसिक जांच को भेजा गया है। परिवार पंचकूला लौट आया है।

पूर्व DGP मुस्तफा के बेटे की मौत: SIT ने सुरक्षाकर्मियों से की पूछताछ, पत्‍नी करा लैपटाप फोरेंसिक जांच के लिए भेजा

पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत की जांच SIT के हाथों में
सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ और कोठी की तलाशी, लैपटॉप फॉरेंसिक जांच को भेजा गया
मुस्तफा परिवार पंचकूला लौटा, कांग्रेस नेताओं ने जताई संवेदना



पंचकूला। पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की रहस्यमयी मौत की जांच अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। टीम ने 27 अक्टूबर को पंचकूला स्थित मुस्तफा की कोठी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की। जांच का फोकस इस बात पर है कि मौत से पहले परिवार में क्या चल रहा था और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई।

मुस्तफा के आवास की सुरक्षा में करीब 16 पुलिसकर्मी दो शिफ्टों में तैनात हैं। इनमें से 9 सुरक्षाकर्मियों से SIT ने पूछताछ की है, जबकि बाकी से जल्द ही बयान दर्ज किए जाएंगे। टीम ने पिता-पुत्र के रिश्तों, घर के माहौल, अकील के स्वभाव और परिवार के भीतर संभावित मतभेदों को लेकर विस्तृत सवाल पूछे। साथ ही यह भी जानकारी ली गई कि कौन-से सुरक्षाकर्मी परिवार के साथ लंबे समय से हैं और कौन हाल ही में ड्यूटी पर लगाए गए हैं।

जांच के दौरान SIT ने कोठी की तलाशी भी ली। साथ वाले किराए के घर में मौजूद अकील की पत्नी के कमरे से एक लैपटॉप बरामद हुआ, जिसे अब फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। इससे पहले शनिवार को SIT ने क्राइम सीन का निरीक्षण किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टीम तकनीकी साक्ष्यों के साथ पारिवारिक गवाहियों पर भी समानांतर रूप से काम कर रही है।

मुस्तफा परिवार 17 अक्टूबर को सहारनपुर गया था, जहां अकील को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसके बाद 25 अक्टूबर को पंजाब के मलेरकोटला में अंतिम दुआ कार्यक्रम रखा गया। 27 अक्टूबर को परिवार वापस पंचकूला के एमडीसी सेक्टर-4 स्थित आवास पर लौटा, जहां 16 अक्टूबर को अकील अख्तर की मौत हुई थी।

इस बीच, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह सोमवार को मुस्तफा परिवार से मिलने पहुंचे और संवेदना व्यक्त की। इससे पहले 25 अक्टूबर को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी अंतिम दुआ में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा था कि “मुस्तफा फैमिली केस से पाक-साफ होकर निकलेगी।” परिवार पर गम का पहाड़ टूटा है, लेकिन कुछ लोग राजनीति करने में लगे हैं।

1985 बैच के आईपीएस रहे मोहम्मद मुस्तफा पंजाब कांग्रेस सरकार के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेहद करीबी माने जाते थे। हालांकि, जब कैप्टन ने उन्हें DGP नहीं बनाया, तो दोनों के रिश्ते बिगड़ गए। 2021 में मुस्तफा रिटायर हो गए और उसके बाद कांग्रेस में सक्रिय राजनीति में लौटे। उन्होंने नवजोत सिद्धू के सलाहकार के रूप में भी काम किया।

उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना, जो पंजाब की पूर्व कैबिनेट मंत्री रही हैं, लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ी हैं। उन्होंने 2002, 2007 और 2017 में मलेरकोटला से विधायक के रूप में जीत हासिल की। 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के हटने के बाद चरणजीत चन्नी की सरकार में भी मंत्री बनीं। बाद में सिद्धू के समर्थन में मंत्री पद से इस्तीफा भी दिया था।

मुस्तफा की पुत्रवधू, जो चार साल पहले पंजाब वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन बनी थीं, उस समय भी चर्चा में आई थीं क्योंकि यह नियुक्ति शनिवार यानी छुट्टी के दिन की गई थी। अब परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह बेहद दर्दनाक है — बेटे की मौत की गुत्थी, जिसका जवाब SIT तलाश रही है।