मां वैष्णो देवी यात्रा फिर से शुरू, ऊंचाई वाले रास्तों में सतर्क रहने की सलाह दी

तीन दिन बाद मां वैष्णो देवी यात्रा बुधवार सुबह 6 बजे से पुनः शुरू होगी। कटड़ा शिविर में श्रद्धालु बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं। कश्मीर के उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी से बिजली और सड़क संपर्क प्रभावित हैं।

मां वैष्णो देवी यात्रा  फिर से शुरू, ऊंचाई वाले रास्तों में सतर्क रहने की सलाह दी

मां वैष्णो देवी यात्रा पुनः सुचारु, श्रद्धालु तैयार

कश्मीर में बर्फबारी और बारिश से यातायात प्रभावित


तीन दिन के अंतराल के बाद मां वैष्णो देवी की यात्रा बुधवार सुबह शुरू हो गई है। श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए प्रस्‍थान कर रहे हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा यात्रा को बहाल करने की सूचना से श्रद्धालुओं में खुशी की लहर है। भारी बारिश की चेतावनी के कारण बोर्ड ने 5 से 7 अक्टूबर तक यात्रा को स्थगित कर दिया था। कटड़ा में यात्रा आधार शिविर में लगभग दो हजार श्रद्धालु अभी भी रुके हुए हैं। अब उनकी प्रतीक्षा समाप्त हो गई है। बुधवार सुबह छह बजे से श्राइन बोर्ड द्वारा सभी पंजीकरण केंद्र खोले जाएंगे।


कश्मीर में मौसम की स्थिति

  • स्नोफॉल का दौर जारी: घाटी के उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी रुक-रुक कर हो रही है।

  • दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग में ताजा बर्फबारी से सेब के बाग और बिजली लाइनों को नुकसान।

  • कई पेड़ उखड़ गए, जिससे बिजली और सड़क संपर्क आंशिक रूप से बाधित।

  • बांडीपोरा गुरेज और कुपवाड़ा-करनाह रोड दूसरे दिन भी अहतियातन बंद

  • घाटी के मैदानी इलाकों में भारी बारिश से सड़कें जलमग्न, वाहन चालकों को परेशानी।

  • नगर निगम के कर्मचारी जमा पानी को साफ करने में व्यस्त।

यातायात और प्रशासन की सलाह:

  • ऊंचाई वाले दर्रों की ओर जाने से पहले सड़क की स्थिति जांच लें।

  • बर्फ जमा होने के कारण कई रास्ते फिसलन और जोखिम भरे हो गए हैं।

कश्मीर में मौसम और बर्फबारी:
घाटी के अन्य उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी रुक-रुक कर जारी है। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग के लारनू और डाकसुन इलाकों में ताज़ा बर्फबारी से सेब के बाग और बिजली आपूर्ति लाइनों को नुकसान पहुँचा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बर्फ के भार से कई पेड़ उखड़ गए, जिससे बिजली और सड़क संपर्क आंशिक रूप से बाधित रहा।

बर्फबारी के कारण बांडीपोरा-गुरेज तथा कुपवाड़ा-करनाह रोड भी दूसरे दिन अहतियातन बंद रहे। घाटी के मैदानी इलाकों में भारी बारिश से कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। नगर निगम के कर्मचारी जमा पानी को साफ करते नजर आए।

यातायात और सुरक्षा सलाह:
यातायात विभाग और स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी कि ऊंचाई वाले दर्रों की ओर जाने से पहले सड़क की स्थिति की जांच करें। बर्फ जमा होने के कारण कई रास्ते फिसलन और जोखिम भरे हो गए हैं।