PNG आने पर LPG सिलेंडर करना होगा सरेंडर, नियम लागू
हरियाणा में PNG कनेक्शन मिलने के बाद LPG सिलेंडर सरेंडर करना अनिवार्य होगा। एक घर एक गैस नीति लागू होगी और नियम तोड़ने पर कनेक्शन सस्पेंड किया जाएगा।
■ PNG आने पर LPG सिलेंडर सरेंडर अनिवार्य
■ एक घर एक गैस नियम लागू
■ इंकार करने पर कनेक्शन सस्पेंड
हरियाणा में गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा और निर्णायक बदलाव लागू करने की तैयारी हो गई है, जिसने आम लोगों की रसोई व्यवस्था को सीधे प्रभावित करने का रास्ता साफ कर दिया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जिन क्षेत्रों में पाइप नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है, वहां अब घरेलू LPG सिलेंडर रखना या रिफिल लेना संभव नहीं होगा। यह फैसला न केवल एक प्रशासनिक कदम है, बल्कि गैस उपभोग की पूरी प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार के आदेश के अनुसार अब प्रदेश में एक घर एक गैस का सिद्धांत लागू किया जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि अगर किसी घर में PNG कनेक्शन सक्रिय हो चुका है, तो वहां LPG सिलेंडर को सरेंडर करना अनिवार्य होगा। यदि कोई उपभोक्ता PNG कनेक्शन लेने से इंकार करता है, तो उसका मौजूदा LPG कनेक्शन सस्पेंड (निलंबित) कर दिया जाएगा। इस सख्ती से यह संकेत मिलता है कि सरकार इस नीति को हर हाल में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस निर्णय के पीछे सरकार की सोच सुरक्षा, सुविधा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना है। पाइपलाइन के जरिए मिलने वाली गैस में सिलेंडर की तुलना में स्टोरेज और लीकेज का खतरा काफी कम होता है। उपभोक्ताओं को बार-बार गैस बुकिंग और डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय की बचत होगी और गैस सप्लाई भी लगातार बनी रहेगी।
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस फैसले को अंतिम रूप दिया गया। इसके बाद सभी जिलों के डीसी (DC) और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन घरों में पहले से PNG मीटर लग चुके हैं, वहां LPG सिलेंडर की सप्लाई तुरंत प्रभाव से रोकने की तैयारी है।
इस फैसले के बाद आम लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सुरक्षित और आधुनिक कदम मान रहे हैं, जबकि कई उपभोक्ता अचानक हुए इस बदलाव से असहज भी नजर आ रहे हैं। खासकर उन क्षेत्रों में जहां PNG की सुविधा अभी सीमित है, वहां इस नीति को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं।
Akhil Mahajan