अमेरिकी हमले में मारे गए 23 साल के मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा के शव का इंतजार, PM मोदी और CM सुक्खू से पिता की गुहार, बेटे का शव जल्द लाने की मांग
अमेरिकी हमले में मारे गए हमीरपुर के मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा के पार्थिव शरीर का परिवार इंतजार कर रहा है। परिजनों ने जहाज संचालन और सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
- हमीरपुर के आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर आने का इंतजार, परिवार को अब तक नहीं मिली स्पष्ट जानकारी
- अमेरिकी हमले में मारे गए मर्चेंट नेवी कैडेट के पिता ने उठाए कई सवाल
- PM मोदी, CM सुक्खू और सांसद अनुराग ठाकुर से शव जल्द स्वदेश लाने की गुहार
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के भालू गांव निवासी 23 वर्षीय मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा की अमेरिकी हमले में हुई मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजन बेटे के पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि घटना के कई घंटे बाद भी परिवार को यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है कि आदित्य का शव स्वदेश कब तक लाया जाएगा।
आदित्य के चाचा संजीव लखनपाल ने बताया कि बीती शाम तक आदित्य का शव जहाज पर ही मौजूद था। उन्हें सूचना दी गई थी कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जहाज से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है। इसके बाद से परिवार को कोई नई जानकारी नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान आदित्य को गंभीर हेड इंजरी हुई थी, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।
इस दुखद घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। परिवार का इकलौता बेटा होने के कारण आदित्य की मौत का सदमा और भी गहरा है। माता-पिता, दादी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और आसपास के क्षेत्रों से लगातार लोग उनके घर पहुंचकर शोक व्यक्त कर रहे हैं और परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।
आदित्य के दादा के भाई अशोक कुमार ने घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जहाज के कैप्टन को पहले से चेतावनी दी गई थी कि जहाज को आगे नहीं बढ़ाया जाए, तो फिर उसे खतरे वाले क्षेत्र की ओर क्यों ले जाया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उधर, आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने भी कई अहम सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और सांसद अनुराग ठाकुर से बेटे के पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की अपील की है। पिता ने बताया कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने फोन पर उनसे बात कर संवेदना व्यक्त की और शव को जल्द स्वदेश लाने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क करने का भरोसा दिया है।
राजेश शर्मा ने बताया कि आदित्य ने जुलाई महीने में घर आने की बात कही थी। परिवार पिछले सात महीनों से उसके लौटने का इंतजार कर रहा था। सभी बेहद खुश थे कि लंबे समय बाद बेटा घर आएगा, लेकिन उससे पहले उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार की दुनिया ही बदल दी।
पिता ने घटना को युद्ध अपराध करार देते हुए कहा कि किसी भी कारोबारी जहाज पर मिसाइल हमला नहीं होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जहाज को होर्मुज क्षेत्र के इतने करीब क्यों ले जाया गया। उनके अनुसार पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
जानकारी के अनुसार आदित्य शर्मा वर्ल्ड मैरिटाइम एनर्जी लिमिटेड के तेल टैंकर MT Settebello पर डेक कैडेट के पद पर कार्यरत थे। उनका नौकरी अनुबंध मई महीने में समाप्त हो चुका था, लेकिन वे घर नहीं लौट पाए और उन्होंने एक महीने के लिए अपना अनुबंध बढ़ा दिया था।
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। आदित्य शर्मा भी उन्हीं तीन मृतकों में शामिल थे। अब पूरा परिवार और गांव इस इंतजार में है कि आदित्य का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द उनके पैतृक गांव पहुंचे, ताकि उन्हें अंतिम विदाई दी जा सके।
Akhil Mahajan