आखिर क्यों आने लगता है माता की प्रतिमा पर पसीना? हिमाचल के इस मंदिर का रहस्य सुनकर चौंक जाएंगे आप
हिमाचल प्रदेश के चंबा स्थित भलेई माता मंदिर की अनोखी मान्यता, जहां मां भद्रकाली की प्रतिमा पर पसीना आने को शुभ संकेत माना जाता है। जानिए पूरा इतिहास और रहस्य।
➤ चंबा के भलेई माता मंदिर से जुड़ी है अनोखी मान्यता
➤ प्रतिमा पर पसीना आने को माना जाता है शुभ संकेत
➤ नवरात्रों में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं माता के दरबार
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित भलेई माता मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। समुद्र तल से लगभग 3800 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह प्राचीन मंदिर मां भद्रकाली को समर्पित है। वर्षों से यह मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और एक अनोखे चमत्कार के कारण चर्चा में रहता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास है कि जब मां भलेई प्रसन्न होती हैं तो उनकी प्रतिमा पर पसीने की बूंदें दिखाई देती हैं।
क्या है पसीना आने की मान्यता?
मंदिर से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध मान्यता यह है कि मां भलेई की काले पत्थर की प्रतिमा पर समय-समय पर पसीना आता है। स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े लोगों का मानना है कि यह माता की प्रसन्नता का संकेत होता है। कहा जाता है कि जिस समय प्रतिमा पर पसीना दिखाई देता है, उस समय भक्तों द्वारा मांगी गई मनोकामनाएं पूरी होने का शुभ संकेत माना जाता है। कई श्रद्धालु घंटों तक मंदिर में बैठकर इस अद्भुत दृश्य के दर्शन का इंतजार करते हैं। हालांकि यह धार्मिक आस्था और विश्वास का विषय है।
कैसे हुई मंदिर की स्थापना?
लोक मान्यताओं के अनुसार वर्ष 1569 में तत्कालीन राजा प्रताप सिंह को माता ने स्वप्न में दर्शन देकर बताया कि उनकी प्रतिमा भलेई गांव के समीप एक बावड़ी में स्थित है। राजा ने वहां पहुंचकर प्रतिमा को प्राप्त किया और चंबा ले जाने लगे। रास्ते में भलेई स्थान पर विश्राम के दौरान माता ने पुनः स्वप्न में दर्शन देकर यहीं स्थापित होने की इच्छा जताई। इसके बाद राजा ने भलेई में मंदिर का निर्माण करवाकर प्रतिमा की स्थापना की।
जागती ज्योति के नाम से भी प्रसिद्ध
भक्त मां भलेई को "जागती ज्योति" के नाम से भी पुकारते हैं। मान्यता है कि माता अपने भक्तों की सच्चे मन से की गई प्रार्थनाएं सुनती हैं और उनकी झोली भर देती हैं। यही कारण है कि हिमाचल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
नवरात्रों में उमड़ता है आस्था का सैलाब
नवरात्रों के दौरान भलेई माता मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं। हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठता है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है।
Akhil Mahajan