जॉर्जिया से प्रत्यर्पित हुआ 34 मामलों में वांछित गैंगस्टर वेंकट गर्ग, हरियाणा पुलिस ने रखा था 2 लाख का इनाम

हरियाणा STF ने 34 मामलों में वांछित और 2 लाख के इनामी गैंगस्टर वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से प्रत्यर्पित कर भारत लाया। नारायणगढ़ पुलिस करेगी पूछताछ।

जॉर्जिया से प्रत्यर्पित हुआ 34 मामलों में वांछित गैंगस्टर वेंकट गर्ग, हरियाणा पुलिस ने रखा था 2 लाख का इनाम
  • जॉर्जिया से हरियाणा STF ने गैंगस्टर वेंकट गर्ग का कराया प्रत्यर्पण
  • 34 आपराधिक मामलों में वांछित आरोपी पर था 2 लाख का इनाम
  • हरियाणा STF का वर्ष 2026 में यह दसवां सफल प्रत्यर्पण

हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता मिली है। करीब 34 आपराधिक मामलों में वांछित और उद्घोषित अपराधी वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से प्रत्यर्पित कर भारत वापस लाया गया है। आरोपी पर अंबाला पुलिस द्वारा 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जॉर्जिया से भारत को किया गया यह पहला प्रत्यर्पण माना जा रहा है, जबकि वर्ष 2026 में हरियाणा STF द्वारा सुनिश्चित किया गया यह दसवां प्रत्यर्पण है।

वेंकट गर्ग अंबाला जिले के नारायणगढ़ क्षेत्र का निवासी है और करीब 53 सदस्यों वाले गैंग का सरगना बताया जाता है। यह गिरोह अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ सहित कई क्षेत्रों में सक्रिय रहा है। गैंग पर टारगेट किलिंग, हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली, संगठित अपराध और अवैध हथियारों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वेंकट गर्ग के खिलाफ हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 23 मामले उसके भारत छोड़ने से पहले दर्ज हुए थे, जबकि विदेश भागने के बाद भी उसने अपने सहयोगियों के माध्यम से आपराधिक गतिविधियां संचालित करना जारी रखा। इसके बाद हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े 11 अतिरिक्त मामले भी दर्ज हुए।

हरियाणा लाए जाने के बाद नारायणगढ़ पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करेगी। पुलिस का मानना है कि उससे पूछताछ के दौरान कई लंबित मामलों और गैंग के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

वेंकट गर्ग का नाम बसपा नेता एवं जिला सचिव हरबिलास हत्याकांड के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में आया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि 23 जनवरी 2025 को हरबिलास की हत्या की साजिश रची गई थी। इसके अलावा अंबाला और यमुनानगर में रंगदारी से जुड़े कई फायरिंग मामलों में भी गैंग का नाम सामने आया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार वेंकट गर्ग 10 दिसंबर 2024 को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संयुक्त अरब अमीरात गया था। इसके बाद वह 26 जनवरी 2025 को जॉर्जिया पहुंच गया। जांच में यह भी सामने आया कि उसने गुरुग्राम के फर्जी पते के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। इस मामले में नारायणगढ़ थाने में अलग से केस दर्ज किया गया था। STF की सिफारिश पर फरवरी 2025 में उसका पासपोर्ट भी निरस्त कर दिया गया था।

आरोपी की गिरफ्तारी और वापसी सुनिश्चित करने के लिए STF ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस, उद्घोषित अपराधी की कार्रवाई और विभिन्न न्यायालयों से गिरफ्तारी वारंट हासिल किए। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से जॉर्जिया में उसकी लोकेशन ट्रेस की गई और प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी की गई।

यह पूरी कार्रवाई विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (NCB), भारतीय दूतावासों तथा जॉर्जिया और कजाकिस्तान की संबंधित एजेंसियों के सहयोग से सफल हो सकी। STF अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।