ई-ट्राइसाइकिल में लगी आग, दिव्यांग युवक की जिंदा जलकर मौत
चरखी दादरी के कन्हेटी गांव में ई-ट्राइसाइकिल में आग लगने से 29 वर्षीय दिव्यांग युवक रविंद्र की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- चरखी दादरी में ई-ट्राइसाइकिल में आग लगने से दिव्यांग युवक की दर्दनाक मौत
- सैयद पीर मजार से लौटते समय बैट्री चालित तिपहिया वाहन में लगी आग
- पुलिस ने इत्तफाकिया मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की
हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव कन्हेटी में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां बैट्री से चलने वाली ई-ट्राइसाइकिल में अचानक आग लगने से एक दिव्यांग युवक की जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान कन्हेटी निवासी रविंद्र (29) के रूप में हुई है। सूचना मिलने के बाद सदर थाना क्षेत्र की इमलोटा पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाया। शुक्रवार को परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
परिजनों के अनुसार करीब पांच वर्ष पहले रविंद्र एक सड़क हादसे का शिकार हो गया था। हादसे में गंभीर चोट लगने के कारण उसके शरीर का निचला हिस्सा काम करना बंद कर चुका था। इसके चलते वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ था और अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए ई-ट्राइसाइकिल का सहारा लेता था।
बताया गया है कि रविंद्र पिछले करीब दो वर्षों से झज्जर जिले के गांव बिरोहड़ के खेल मैदान में जाकर युवाओं को अभ्यास भी करवाता था। वीरवार शाम वह गांव स्थित सैयद पीर मजार पर मत्था टेकने गया था। दर्शन करने के बाद जब वह वापस घर लौटने के लिए अपनी ई-ट्राइसाइकिल पर बैठा और उसे स्टार्ट किया, तभी वाहन में अचानक आग लग गई।
आग इतनी तेजी से फैली कि रविंद्र खुद को वाहन से बाहर नहीं निकाल सका। दिव्यांग होने के कारण वह आग की चपेट में फंस गया। आसपास मौजूद लोगों ने आग की लपटें देखकर उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। देखते ही देखते ई-ट्राइसाइकिल आग का गोला बन गई और रविंद्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत डायल-112 पर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई राजेश के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई दर्ज की है।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी को माना जा रहा है। हालांकि पुलिस और संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही हैं।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बैट्री चालित वाहनों की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर जांच और निगरानी जरूरी है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
Akhil Mahajan