Delhi Blast: हरियाणा के इस शहर से बरामद हुई लाल रंग की इकोस्पोर्ट, धमाके वाली रात संदिग्धों ने इसका किया था इस्तेमाल
दिल्ली ब्लास्ट केस में फरीदाबाद पुलिस ने संदिग्ध लाल कार बरामद की। अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों से जुड़ा मामला, एक डॉक्टर फरार, मौलवी गिरफ्तार।
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दिल्ली ब्लास्ट में संदिग्ध लाल रंग की कार फरीदाबाद में मिली
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अल-फलाह यूनिवर्सिटी का एक और डॉक्टर निसार उल हसन अब भी फरार
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फतेहपुर तगा गांव से बरामद हुआ था 2563 किलो विस्फोटक, मौलवी गिरफ्तार
दिल्ली ब्लास्ट मामले में हरियाणा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फरीदाबाद पुलिस ने लाल रंग की इको स्पोर्ट्स कार को बरामद किया है, जो ब्लास्ट में संदिग्ध बताई जा रही थी। यह गाड़ी DL10CK-0458 नंबर की है और खंदावली गांव के पास खड़ी मिली।
फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि यह वही कार है, जिसे लेकर दिल्ली पुलिस ने हरियाणा और यूपी में अलर्ट जारी किया था। जांच में सामने आया कि दिल्ली में ब्लास्ट करने वाले आतंकियों के पास I-20 और इको स्पोर्ट्स कार थी। बरामद कार आतंकी डॉ. उमर उन नबी के नाम पर रजिस्टर्ड है, जो ब्लास्ट में मारा गया था।
वहीं, पुलिस को अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर निसार उल हसन की तलाश है। वह ब्लास्ट के बाद से फरार है। कश्मीर में उसे आतंकी गतिविधियों में शामिल होने पर अस्पताल से डिसमिस कर दिया गया था। सूत्रों के अनुसार, निसार की बेटी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही है और उससे एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।
इस मामले में यूनिवर्सिटी का नाम भी बार-बार सामने आ रहा है। यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल को 2563 किलो अमोनियम नाइट्रेट रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वहीं, डॉक्टर शाहीन सईद से भी पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि ये दोनों डॉक्टर एक-दूसरे के करीब थे और अक्सर साथ देखे जाते थे।
यूनिवर्सिटी की तरफ से बुधवार को पहली बार वाइस चांसलर प्रो. भूपिंदर कौर आनंद का बयान आया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार डॉक्टरों से यूनिवर्सिटी का ड्यूटी के अलावा कोई संबंध नहीं है। लैब का इस्तेमाल सिर्फ एमबीबीएस स्टूडेंट्स की ट्रेनिंग के लिए होता है और वहां किसी भी प्रकार का विस्फोटक या केमिकल स्टोर नहीं किया गया।
उधर, ACP वरुण दहिया के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी और फतेहपुर तगा गांव में छापेमारी की। पुलिस ने मौलवी इश्तियाक को भी गिरफ्तार किया है, जिसने मुजम्मिल को मकान किराए पर दिया था। इश्तियाक मूल रूप से नूंह के सिंगार गांव का रहने वाला है और यूनिवर्सिटी की मस्जिद में इमाम था।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले मुजम्मिल 15 दिन की छुट्टी लेकर पुलवामा गया था, जहां से उसने बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री एकत्र की थी। वहीं लौटने के बाद उसने इन्हें फतेहपुर तगा गांव में स्टोर किया।
फरीदाबाद में अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी के अंदर चेकिंग व्यवस्था सख्त कर दी गई है। गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड हर आने-जाने वाले व्यक्ति से पूछताछ कर रहे हैं और मेडिकल एरिया में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।
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