अरे! सोना-चांदी के अचानक गिर गए दाम, जानें वजह
26 मार्च को MCX पर सोना करीब 3000 रुपये और चांदी 14000 रुपये तक गिर गई। डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से कीमती धातुओं पर दबाव बना है।
■ MCX पर सोना करीब ₹3000 टूटा, चांदी ₹14000 तक लुढ़की
■ डॉलर मजबूत और ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से कीमती धातुओं पर दबाव
■ ग्लोबल तनाव और ब्याज दरों की अनिश्चितता से बाजार में उथल-पुथल
सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। जहां सोने के दाम करीब 3000 रुपये तक टूट गए, वहीं चांदी में तो करीब 14,000 रुपये (लगभग 6%) की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस तेज गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी है और निवेशक आगे की दिशा को लेकर असमंजस में हैं।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो सोना करीब 2 प्रतिशत कमजोर हुआ है, जबकि चांदी में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। इतना ही नहीं, प्लेटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं के दाम भी दबाव में रहे, जिससे साफ है कि यह गिरावट सिर्फ एक धातु तक सीमित नहीं बल्कि पूरे कमोडिटी सेगमेंट में असर डाल रही है।
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव है। सबसे पहले, अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोना अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है और कीमतों में गिरावट आती है। इसके साथ ही, अमेरिका के 10 साल के ट्रेजरी यील्ड में तेजी आई है, जो करीब आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। जब बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है, तो निवेशक सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों से दूरी बनाने लगते हैं।
इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। तेल महंगा होने से महंगाई का खतरा बढ़ता है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं। यही वजह है कि निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
वहीं Donald Trump के बयान और ईरान-अमेरिका तनाव ने भी बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। जब तक वैश्विक स्तर पर यह अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा? विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं और डॉलर मजबूत रहता है, तो सोने-चांदी पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, अगर वैश्विक तनाव और बढ़ता है या आर्थिक अनिश्चितता गहराती है, तो निवेशक फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर लौट सकते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आ सकती है।
फिलहाल निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को डॉलर और ब्याज दरों की चाल पर नजर रखनी चाहिए, जबकि लॉन्ग टर्म निवेशक इसे अवसर के रूप में भी देख सकते हैं।
Akhil Mahajan