दुष्यंत चौटाला की DGP को चुनौती: दम है तो UP की तरह एनकाउंटर करो, थार तो महिलाएं भी चलाती हैं
यमुनानगर में दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा के डीजीपी पर निशाना साधते हुए थार-बुलेट बयान को असभ्य बताया और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
- पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का DGP ओपी सिंह पर तीखा हमला
- थार-बुलेट को लेकर दिए बयान को बताया असभ्य और मुद्दों से भटकाने वाला
- यूपी मॉडल का हवाला देकर कानून-व्यवस्था पर सवाल
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने एक बार फिर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा है। गुरुवार को यमुनानगर पहुंचे दुष्यंत चौटाला ने डीजीपी ओपी सिंह के उस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें थार और बुलेट को ‘गुंडों की सवारी’ बताया गया था। उन्होंने इसे असभ्य भाषा करार देते हुए कहा कि इस तरह के बयान असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अपराध गाड़ियों या मोटरसाइकिल के मॉडल से नहीं रुकते। यदि कोई यह कह दे कि मोटरसाइकिल चलाने वाले गुंडे हैं, तो क्या यह सभ्य भाषा कही जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल व्यवस्था पर सवाल उठाए थे, न कि किसी वाहन को लेकर टिप्पणी की थी।
उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हाल की घटनाओं का जिक्र किया। दुष्यंत ने कहा कि रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में युवकों पर स्कॉर्पियो चढ़ा दी गई और सिरसा में चार साल की बच्ची के अपहरण और हत्या जैसी घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में सरकार यह बताए कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था कहां है।
पूर्व डिप्टी सीएम ने डीजीपी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि पुलिस में दम है तो उत्तर प्रदेश की तरह कार्रवाई कर के दिखाए। उन्होंने कहा कि यूपी में एक ही दिन में कई जिलों में एनकाउंटर हुए, लेकिन हरियाणा में ऐसा क्यों नहीं होता। कानून के मुखिया का काम व्यवस्था सुधारना है, न कि शब्दों से मुद्दों को मोड़ना।
दुष्यंत चौटाला ने यमुनानगर का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां शराब के ठेके बिकवाने के लिए पुलिस तैनात करनी पड़ी। दुकानों के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा दी गई। उन्होंने सवाल किया कि पिछले दो महीनों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में आखिर कितना सुधार हुआ है।
थार को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि आज सबसे ज्यादा थार महिलाएं चला रही हैं। क्या इसका मतलब यह है कि महिलाएं भी गुंडी हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकतर अपराध छोटी गाड़ियों से होते हैं और इसे साबित करने के लिए उन्होंने आरटीआई लगाई है। जवाब मिलने के बाद आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे।
यमुनानगर की जगाधरी धर्मशाला में आयोजित बैठक में दुष्यंत चौटाला ने पार्टी संगठन पर भी फोकस किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि 26 जनवरी से पहले छह सेलों का गठन हलका स्तर तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि हालिया रैली के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ा है और कई पुराने साथी वापस जुड़े हैं।
सरकार पर हमला जारी रखते हुए दुष्यंत चौटाला ने मनरेगा का नाम बदलने को निरर्थक बताया। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा रोजगार का है, लेकिन लोगों से काम छीना जा रहा है। ऑनलाइन रजिस्ट्री में टोकन न मिलने और सरकारी खजाने के दुरुपयोग के आरोप भी उन्होंने लगाए। इस मौके पर जजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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