हरियाणा सीएम ने पंजाब के आढ़तियों से की मुलाकात:फसल खरीद पर उठे सवाल

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पंजाब के आढ़तियों से मुलाकात कर MSP, कमीशन और फसल खरीद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने पंजाब सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

हरियाणा सीएम ने पंजाब के आढ़तियों से की मुलाकात:फसल खरीद पर उठे सवाल

CM सैनी ने पंजाब के आढ़तियों से की अहम मुलाकात
MSP और कमीशन को लेकर उठे सवाल, फसल खरीद पर चर्चा
बोले- पंजाब में किसान, व्यापारी और श्रमिक सभी परेशान


हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में पंजाब से आए आढ़तियों के प्रतिनिधिमंडल से अहम मुलाकात की। इस दौरान फसल खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और आढ़तियों के कमीशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब सरकार की नीतियों को लेकर गहरी चिंता जताई और मौजूदा व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों को मुख्यमंत्री के सामने रखा।

आढ़तियों ने बताया कि पंजाब में करीब 40 हजार आढ़ती, सवा लाख मुनीम और 6-7 लाख श्रमिक इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं, लेकिन मौजूदा हालात में यह पूरा तंत्र दबाव में है। फसल खरीद के सीजन में न सिर्फ आढ़ती, बल्कि किसान और मजदूर वर्ग भी सरकार की नीतियों से प्रभावित हो रहे हैं।

मुलाकात के बाद सीएम सैनी ने कहा कि उन्होंने खुद पंजाब के दौरे के दौरान देखा है कि हर वर्ग—किसान, व्यापारी और श्रमिक—किसी न किसी समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान आम आदमी पार्टी सरकार की नीतियों ने राज्य की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया है और पंजाब को “कंगाल” बनाने की दिशा में धकेला है।

सीएम ने हरियाणा मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में किसानों की सभी फसलों की खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा में आढ़तियों के कमीशन को समय-समय पर बढ़ाया गया है, जिससे उनकी आय और सम्मान दोनों सुरक्षित हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हरियाणा में गेहूं खरीद पर आढ़तियों को 55 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है, जो पंजाब के मुकाबले लगभग 9 रुपए अधिक है। इस तुलना के जरिए सीएम ने हरियाणा की नीतियों को बेहतर बताते हुए भाजपा सरकार के मॉडल को प्रभावी बताया।

इस बैठक के बाद यह साफ है कि फसल खरीद, MSP और आढ़तियों के हित आने वाले समय में हरियाणा और पंजाब की राजनीति के केंद्र में रहेंगे।