हरियाणा में किसानों का धरना खत्म, तीन बातों पर बनी सहमति: 24 से तुलाई और 25 सितंबर से गेट पास; CJP ने पोस्ट में लिखा- ‘आ रहे हैं कॉकरोच’
कुरुक्षेत्र में धान खरीद को लेकर किसानों का धरना खत्म हुआ। प्रशासन से सहमति के बाद 24 सितंबर से तुलाई और 25 सितंबर से गेट पास शुरू होंगे।
➤ 24 सितंबर से धान की तुलाई शुरू करने पर बनी सहमति
➤ 25 सितंबर से गेट पास कटेंगे, दोबारा बायोमैट्रिक की जरूरत नहीं
➤ धरना खत्म होने के बाद CJP ने पोस्ट में लिखा- ‘आ रहे हैं कॉकरोच’
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धान की सरकारी खरीद शुरू न होने को लेकर चल रहा किसानों का विरोध प्रदर्शन बुधवार शाम प्रशासन और किसान नेताओं के बीच सहमति बनने के बाद खत्म हो गया। किसान मंगलवार से धान की सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। बुधवार को भी किसान सुबह से बराड़ा हाईवे (स्टेट हाईवे-4) पर धरने पर बैठे रहे। दोपहर करीब 12 बजे किसानों ने हाईवे की तरफ जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रशासन की पहल पर किसान नेताओं को रेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां गुरनाम सिंह चढ़ूनी और डीसी विश्राम कुमार मीणा के बीच करीब दो घंटे तक बंद कमरे में बैठक हुई। बैठक के बाद तीन अहम बातों पर सहमति बनी और किसानों ने धरना खत्म करने की घोषणा कर दी। धान की खरीद को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच सहमति बनने की खबर की पुष्टि अन्य रिपोर्टों में भी हुई है।
दो घंटे चली बैठक के बाद निकला रास्ता
हाईवे की ओर बढ़ने से रोके जाने के बाद किसानों को समझाकर रेस्ट हाउस लाया गया। यहां किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी और कुरुक्षेत्र के डीसी विश्राम कुमार मीणा के बीच करीब दो घंटे तक बैठक चली। प्रशासन की ओर से बताया गया कि प्रधान सचिव की केंद्र सरकार के साथ बैठक चल रही है और जल्द ही इस संबंध में फैसला आने की उम्मीद है।
इसी बीच किसानों की तत्काल सुविधा को देखते हुए प्रशासन और किसान नेताओं के बीच धान की तुलाई तथा गेट पास को लेकर सहमति बनी। इसके बाद प्रदर्शन खत्म करने की घोषणा कर दी गई।
24 सितंबर से शुरू होगी तुलाई
बैठक में तय हुआ कि किसानों की सुविधा के लिए 24 सितंबर से धान की तुलाई शुरू की जाएगी। इसके अगले दिन यानी 25 सितंबर से गेट पास काटे जाएंगे। सरकारी खरीद को लेकर किसानों की मुख्य मांग जल्द प्रक्रिया शुरू करने की थी। इससे पहले खरीद शुरू न होने के कारण किसान प्रदर्शन कर रहे थे।
किसानों को अब दोबारा बायोमैट्रिक के लिए आने की जरूरत नहीं होगी। प्रशासन की ओर से कहा गया कि जिस स्थान पर किसानों की धान की ढेरी लगी होगी, वहीं प्रशासन की टीम उनकी इस समस्या का समाधान करेगी। इस व्यवस्था पर सहमति बनने के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
फैसला होते ही हाईवे पर किसानों ने किया डांस
प्रशासन के साथ बैठक के बाद जब किसानों को सहमति की जानकारी दी गई तो धरना खत्म करने की घोषणा की गई। किसानों ने इसे अपनी मांगों को लेकर मिली सफलता के तौर पर लिया और इसके बाद बराड़ा हाईवे पर डांस किया।
धान की सरकारी खरीद को लेकर किसान मंगलवार से प्रदर्शन कर रहे थे। इससे पहले शाहाबाद में किसानों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। किसानों की ओर से हाईवे की तरफ बढ़ने के प्रयास के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था।
पहले भी हुई थी प्रशासन और किसान नेताओं की बातचीत
धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू कराने को लेकर मंगलवार को भी प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। उस दौरान तत्काल समाधान नहीं निकल पाया था। किसानों ने खरीद शुरू करने की मांग को लेकर अपना प्रदर्शन जारी रखा और शाहाबाद में हाईवे तक पहुंचने का प्रयास किया।
बुधवार को दूसरे दिन भी किसान धरनास्थल पर डटे रहे। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा था कि जब तक धान की खरीद शुरू नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद प्रशासन और किसान नेताओं के बीच हुई बैठक में प्रक्रिया शुरू करने की तारीखों को लेकर सहमति बनी और धरना समाप्त कर दिया गया।
धरना खत्म होने के बाद CJP की पोस्ट चर्चा में
धरना खत्म होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट सामने आई। सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने किसानों के प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया दी। पोस्ट में किसानों पर कथित लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए सीजेपी ने किसानों के साथ होने की बात कही। इसी पोस्ट में लिखा गया- ‘आ रहे हैं कॉकरोच।’
यह पोस्ट किसानों के धरने और प्रशासन के साथ बनी सहमति के बाद सामने आई। पोस्ट में गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी टैग किया गया था।
तीन जिलों में किसान नेताओं को हिरासत में लेने की बात
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं की हिरासत का मुद्दा भी सामने आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुरुक्षेत्र में भगत सिंह किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू नंबरदार और प्रदेश महासचिव संजीव आलमपुर को पुलिस ने डिटेन किया। जिला महासचिव दिलबाग सिंह को भी पुलिस डिटेन करने पहुंची, लेकिन वह वहां से निकल गए।
पानीपत में किसान नेता और उग्राखेड़ी के पूर्व सरपंच बिंटू मलिक को सुबह ही हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई।
करनाल में रात करीब 12 बजे BKU करनाल के आईटी सेल के राज्य अध्यक्ष संदीप के घर CIA स्टाफ की टीम पहुंची। आरोप है कि CIA स्टाफ के कर्मचारियों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ बदतमीजी की। वहीं किसान भवन से रतन मान और अन्य लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई।
यमुनानगर में शाहाबाद के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे भारतीय किसान यूनियन टिकैत से जुड़े किसानों को रादौर थाना पुलिस ने डिटेन किया। इस दौरान किसानों ने रादौर पुलिस थाने में SHO की टेबल पर खाना खाया।
अब धान की तुलाई और गेट पास पर रहेगी नजर
प्रशासन और किसानों के बीच सहमति के बाद फिलहाल धरना खत्म हो गया है। अब किसानों की नजर 24 सितंबर से शुरू होने वाली तुलाई और 25 सितंबर से गेट पास कटने की प्रक्रिया पर रहेगी। प्रशासन की ओर से किसानों को दोबारा बायोमैट्रिक के लिए नहीं बुलाने और उनकी ढेरी वाले स्थान पर ही समस्या का समाधान करने की बात कही गई है।
धान की सरकारी खरीद को लेकर पिछले दो दिनों से चल रहे घटनाक्रम में बुधवार को बातचीत के जरिए रास्ता निकला और किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इसके साथ ही शाहाबाद क्षेत्र में चल रहा यह विरोध फिलहाल थम गया है।
Akhil Mahajan