हरियाणा में 4 बड़े बदलाव लागू, प्रॉपर्टी खरीदना हुआ महंगा कलेक्टर रेट बढ़े
हरियाणा में 1 अप्रैल से कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी, टोल दरें महंगी, भर्ती प्रक्रिया में बदलाव और छात्राओं के लिए दूध योजना लागू की गई है।
■ हरियाणा में कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा
■ टोल दरों में 5% तक बढ़ोतरी, यात्रियों पर बढ़ा बोझ
■ भर्ती नियमों में बदलाव और छात्राओं को मिलेगा दूध
हरियाणा में 1 अप्रैल से आम लोगों की जेब पर असर डालने वाले चार बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। सबसे बड़ा असर कलेक्टर रेट में भारी बढ़ोतरी का पड़ा है, जिससे अब प्रदेश में घर, जमीन और फ्लैट खरीदना महंगा हो गया है। सरकार ने 11,947 क्षेत्रों में औसतन 75% तक रेट बढ़ाए हैं, जिससे रजिस्ट्री की लागत में सीधा इजाफा होगा। जिन इलाकों में प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू तेजी से बढ़ी और रजिस्ट्रियों की संख्या अधिक रही, वहां नए सिरे से मूल्यांकन कर दरें तय की गई हैं। सरकार का कहना है कि इससे राजस्व बढ़ेगा और रजिस्ट्रेशन वास्तविक बाजार मूल्य के अनुसार होगा।
गुरुग्राम के सेक्टर-28 में कलेक्टर रेट में भारी उछाल देखा गया है। पहले 71,600 रुपए प्रति वर्ग गज की दर अब बढ़कर करीब 1.34 लाख रुपए प्रति वर्ग गज पहुंच गई है। बहादुरगढ़, सोनीपत, पानीपत और करनाल जैसे शहरों में भी 15% से 75% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले प्रस्तावित 130% वृद्धि को घटाकर 75% तक सीमित किया गया है, लेकिन वहां भी जमीन खरीदना अब महंगा हो गया है।
दूसरा बड़ा बदलाव टोल दरों में हुआ है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने राज्य के प्रमुख टोल प्लाजा पर 4-5% तक दरें बढ़ा दी हैं। NH-152D पर कार का एक तरफ का टोल 375 रुपए हो गया है, जो सबसे महंगा है। खेड़की दौला और चौधरीवास जैसे टोल प्लाजा पर भी 5 से 15 रुपए तक की वृद्धि की गई है। मंथली और वार्षिक पास की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है, हालांकि स्थानीय निवासियों के लिए पास सुविधा जारी रहेगी।
तीसरा बदलाव सरकारी भर्तियों में हुआ है। हरियाणा सरकार ने न्यायिक सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया को संशोधित करते हुए नया ढांचा लागू किया है। अब 50% पद प्रमोशन, 25% सीमित प्रतियोगी परीक्षा और 25% सीधे भर्ती से भरे जाएंगे। सीमित प्रतियोगी परीक्षा के लिए न्यूनतम 7 साल का अनुभव और 35 वर्ष आयु तय की गई है।
चौथा और सकारात्मक बदलाव शिक्षा क्षेत्र में देखने को मिला है। मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के तहत अब सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को सप्ताह में चार दिन फोर्टिफाइड दूध और दो दिन प्रोटीन मिल्क बार दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य छात्राओं में पोषण की कमी और एनीमिया को दूर करना है।
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