अजय चौटाला का बड़ा दावा, खट्टर ने दिया था राज्यसभा सीट का ऑफर

JJP प्रमुख अजय चौटाला ने दावा किया है कि पूर्व CM मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें राज्यसभा सीट और कांग्रेस के 9 विधायकों का समर्थन दिलाने का ऑफर दिया था। इस बयान के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

अजय चौटाला का बड़ा दावा, खट्टर ने दिया था राज्यसभा सीट का ऑफर

■ अजय चौटाला का बड़ा दावा- खट्टर ने राज्यसभा सीट और 9 कांग्रेस विधायक दिलाने का ऑफर दिया
■ BJP के 31 वोट के साथ अन्य विधायकों का समर्थन दिलाने की बात भी कही गई
■ सतीश नांदल 0.66 वोट से हारे थे, चुनाव के बाद सियासत गरमाई


हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। जननायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला ने दावा किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के दौरान एक सीट का ऑफर दिया था। चौटाला के अनुसार उन्हें कहा गया कि “तैयारी करो, कांग्रेस के 9 विधायक मैं दिलवा दूंगा”। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि BJP के 31 वोटों के अलावा अन्य विधायकों का समर्थन भी दिलाने की बात कही गई थी। हालांकि चौटाला ने यह कहते हुए इस ऑफर को ठुकरा दिया कि उन्हें पता था कि INLD के 2 वोट उन्हें नहीं मिलेंगे, इसलिए यह समीकरण उनके पक्ष में नहीं बैठता। इस बयान के बाद हरियाणा की राजनीति में घमासान तेज हो गया है और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

राज्यसभा चुनाव की बात करें तो 16 मार्च को हुए चुनाव में BJP के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने जीत दर्ज की थी। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल बेहद मामूली अंतर से हार गए थे। उन्हें 27.34 वोट, जबकि कर्मवीर बौद्ध को 28 वोट मिले थे। यानी नांदल केवल 0.66 वोट से हार गए, जिसे लेकर पहले ही काफी विवाद रहा है। चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग और वोट रद्द होने के मुद्दे ने सियासत को गरमा दिया था।अजय चौटाला का दावा है कि बीजेपी के 31 वोटों के अलावा अन्य विधायकों के वोट भी उन्हें ही दिलाने का ऑफर दिया गया था।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक अजय चौटाला का यह बयान कई मायनों में अहम है। इसे क्रॉस वोटिंग के आरोपों से दूरी बनाने और अपनी पार्टी की स्वतंत्र पहचान मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि JJP इस बयान के जरिए भाजपा और कांग्रेस दोनों पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है। चौटाला का संदेश साफ है कि उनकी पार्टी किसी भी राजनीतिक सौदेबाजी का हिस्सा नहीं बनी और अपने सिद्धांतों पर कायम रही।

इस बयान के बाद आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया आ सकती है। वहीं चुनाव आयोग या पार्टी स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज होने के संकेत हैं। हरियाणा की राज्यसभा सीट को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब एक बड़े सियासी नैरेटिव का रूप लेता नजर आ रहा है, जिसका असर आगामी चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।