इंटरनेट पर नहीं दिखेंगी ऐश्वर्या की डीप फेक आपत्तिजनक तस्वीरें, दिल्ली HC का बड़ा फैसला, गूगल और IT मंत्रालय को कड़े निर्देश , जानें वजह,
दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐश्वर्या राय बच्चन के नाम-छवि के अनधिकृत उपयोग पर कड़ा फैसला सुनाया। AI, डीपफेक, फेस मॉर्फिंग पर रोक लगाते हुए गूगल व IT मंत्रालय को लिंक हटाने व ब्लॉक करने के आदेश दिए।
➤दिल्ली हाई कोर्ट ने ऐश्वर्या राय बच्चन के पक्ष में दिया फैसला
➤AI और डीपफेक से नाम-छवि के दुरुपयोग पर कड़ी रोक
➤गूगल व IT मंत्रालय को लिंक हटाने और ब्लॉक करने का आदेश
दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान ऐश्वर्या राय बच्चन को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने कहा कि उनकी पहचान, नाम, छवि और व्यक्तित्व का किसी भी प्रकार से अनधिकृत उपयोग उनकी गरिमा और निजता का उल्लंघन है।
गुरुवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस तेजस कारिया ने आदेश दिया कि किसी भी वेबसाइट, कंपनी या व्यक्ति को उनकी फोटो, नाम, संक्षिप्त नाम ARB या अन्य पर्सनालिटी एट्रीब्यूट्स का व्यावसायिक या व्यक्तिगत इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है। यह आदेश AI, डीपफेक, फेस मॉर्फिंग और मशीन लर्निंग जैसे सभी टेक्नोलॉजिकल माध्यमों पर लागू होगा।
गंभीर आरोप
राय ने अपनी याचिका में कहा कि कुछ प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स AI और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर उनके चेहरे को अश्लील वीडियो और तस्वीरों में दिखा रहे हैं। यहां तक कि उनकी तस्वीरों से बने टी-शर्ट्स और मग्स तक बेचे जा रहे हैं। उनके वकील सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी ने अदालत को बताया कि यह सब उनकी प्रतिष्ठा, गरिमा और ब्रांड वैल्यू को ठेस पहुंचा रहा है।
कड़े निर्देश
अदालत ने गूगल एलएलसी को निर्देश दिया है कि वह मामले में बताए गए URLs को 72 घंटे में हटाए और संबंधित यूजर्स की जानकारी सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को दे। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को आदेश दिया गया है कि वह 7 दिन के भीतर उन सभी लिंक को ब्लॉक करे।
कोर्ट ने माना कि ऐश्वर्या राय बच्चन सिर्फ एक फिल्म स्टार ही नहीं बल्कि एक ग्लोबल आइकॉन और ब्रांड एंबेसडर हैं। उनकी पहचान का दुरुपयोग न सिर्फ आर्थिक नुकसान करता है बल्कि उनकी गुडविल और सम्मान को भी ठेस पहुंचाता है।