बंदर-भालू गैंग के आरोपियों का सिर मुंडवाकर निकाली परेड

फरीदाबाद में बंदर-भालू गैंग के आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने सिर मुंडवाकर बाजार में परेड निकाली। युवक के पैर तोड़ने के मामले में यह सख्त कार्रवाई की गई।

बंदर-भालू गैंग के आरोपियों का सिर मुंडवाकर निकाली परेड

फरीदाबाद में बंदर-भालू गैंग के आरोपियों की सिर मुंडवाकर निकाली गई परेड
युवक के पैर हथौड़े से तोड़ने के मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार
जमीन विवाद में हुई वारदात, मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर बताए गए


हरियाणा के फरीदाबाद में अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई देखने को मिली, जब बंदर-भालू गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका सिर मुंडवाकर बाजार में परेड निकाली गई। हथकड़ी लगाए ये आरोपी लंगड़ाते हुए बाजार में घुमाए गए, जिससे इलाके में हलचल मच गई।

यह मामला 17 अप्रैल का है, जब बल्लभगढ़ की भुद्दत कॉलोनी में रहने वाले युवक प्रवीण पर बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था। आरोप है कि 4-5 बदमाशों ने उसे घेरकर हथौड़े और डंडों से हमला किया और उसके दोनों पैर बुरी तरह तोड़ दिए।

पुलिस के अनुसार दोनों मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं और उनके खिलाफ 20 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।

हमले के बाद घायल प्रवीण को तुरंत मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने बताया है कि उसके पैरों की हड्डियां बुरी तरह कुचली गई हैं और सेप्टिक का खतरा बना हुआ है। यदि हालत में सुधार नहीं हुआ तो पैर काटने तक की नौबत आ सकती है।

पुलिस जांच में सामने आया कि इस हमले के पीछे बंदर उर्फ विजेंद्र और भालू उर्फ बलराज का गैंग सक्रिय था। इनके साथ उनके साथी हर्ष, सेबिन और आर्यन भी वारदात में शामिल थे।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जमीन विवाद इस हमले की मुख्य वजह थी। प्रवीण की एक जमीन को गैंग अपना बताता था, जिसको लेकर पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इसी विवाद में बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस ने तीनों आरोपियों की बीच बाजार परेड निकाली। तीनों लंगड़ाते हुए चलते दिखे।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें घटनास्थल पर ले जाकर निशानदेही करवाई गई और फिर उसी इलाके में सार्वजनिक परेड करवाई गई, जहां यह वारदात हुई थी।

सिटी थाना प्रभारी शमशेर सिंह के अनुसार इस कार्रवाई का उद्देश्य लोगों के मन से अपराधियों का डर खत्म करना और कानून-व्यवस्था का संदेश देना है।

पुलिस ने बताया कि गैंग के मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं और उनके खिलाफ 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इलाके में लंबे समय से इनका आतंक बना हुआ था।

इस घटना के बाद एक तरफ जहां पुलिस की कार्रवाई की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर घायल युवक की हालत को लेकर परिवार में चिंता का माहौल बना हुआ है।