गुरुग्राम मेट्रो विस्तार का भूमि पूजन कल, साइबर सिटी से जुड़ेगा पुराना गुरुग्राम, 28.5 किमी में 27 स्टेशन होंगे तैयार
गुरुग्राम में 28.5 किमी लंबे मेट्रो विस्तार प्रोजेक्ट का भूमि पूजन किया गया। पहले चरण में 15.22 किमी कॉरिडोर और 14 स्टेशन बनेंगे। प्रोजेक्ट पूरा होने पर शहर का 40% हिस्सा मेट्रो से कवर होगा।
➤ गुरुग्राम में 28.5 किमी लंबे मेट्रो कॉरिडोर का भूमि पूजन
➤ GMRL द्वारा प्रोजेक्ट का काम, पहले चरण में 15.22 किमी निर्माण
➤ प्रोजेक्ट पूरा होने पर शहर का 40% हिस्सा मेट्रो से कवर होगा
गुरुग्राम में लंबे इंतजार के बाद अब पुराने शहर को मेट्रो से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। 5 सितंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस प्रोजेक्ट का भूमि पूजन करेंगे। इसके साथ ही गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) द्वारा मेट्रो विस्तार का काम विधिवत शुरू होगा।
प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 28.5 किलोमीटर है। इसमें मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 26.65 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर और बसई गांव से द्वारका एक्सप्रेसवे तक 1.85 किलोमीटर का स्पर शामिल होगा। हेमिसाइक्लिक आकार का यह कॉरिडोर पुराने और नए गुरुग्राम को जोड़ने के साथ-साथ उद्योग विहार, साइबर सिटी, रेलवे स्टेशन और द्वारका एक्सप्रेसवे तक सीधी कनेक्टिविटी देगा।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से पुराने शहर के लाखों लोगों का मेट्रो में सफर करने का सपना साकार होगा। डीसी अजय कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम जीएमडीए सेक्टर-44 स्थित पार्किंग एरिया में होगा।
GMRL भारत सरकार और हरियाणा सरकार का 50:50 संयुक्त उद्यम है। वर्तमान में डी. थारा इसकी अध्यक्ष और डॉ. चंद्र शेखर खरे प्रबंध निदेशक हैं। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक 15.22 किलोमीटर का कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें 14 स्टेशन होंगे। इसका निर्माण कार्य दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड-रंजीत बिल्डकॉन को सौंपा गया है। पहले चरण पर 1503.63 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे 30 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा ताकि जाम से राहत मिल सके। पिलर सड़क के सेंट्रल वर्ज पर बनेंगे और वैकल्पिक मार्ग खोले जाएंगे।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद गुरुग्राम का करीब 40% हिस्सा मेट्रो से जुड़ जाएगा, जबकि वर्तमान में केवल 10% हिस्सा ही कवर है। अभी यलो लाइन (दिल्ली मेट्रो) और ग्रीन लाइन (रैपिड मेट्रो) शहर के कुछ हिस्सों तक सीमित हैं। मेट्रो विस्तार से न केवल ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि दिल्ली-गुरुग्राम कनेक्टिविटी भी और मजबूत होगी। व्यापार, निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।