हरियाणा में बढ़ेंगी फ्लैट की कीमतें, 10% बढ़ोतरी की तैयारी

हरियाणा सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत फ्लैट की कीमतों में 10% तक बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। आज मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा होगी। टीचर ट्रांसफर पॉलिसी और जमीन खरीद नीति में भी बदलाव संभव।

हरियाणा में बढ़ेंगी फ्लैट की कीमतें,  10% बढ़ोतरी की तैयारी

हरियाणा में फ्लैट महंगे करने की तैयारी, 10% तक बढ़ोतरी संभव
कैबिनेट मीटिंग में अफोर्डेबल हाउसिंग, टीचर ट्रांसफर पॉलिसी और जमीन खरीद नीति पर चर्चा
बिल्डरों को राहत, खरीदारों पर बढ़ेगा बोझ


हरियाणा में घर खरीदने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत बनाए जाने वाले फ्लैट्स की कीमतों में 10% तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव पर आज मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट मीटिंग में चर्चा होगी। बैठक सुबह 11 बजे हरियाणा सिविल सचिवालय की चौथी मंजिल पर शुरू होगी, जिसमें कई अहम नीतिगत फैसलों पर मुहर लगने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, फ्लैट की कीमतों में यह बढ़ोतरी बिल्डरों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से की जा रही है। निर्माण लागत बढ़ने के कारण बिल्डरों की मांग लंबे समय से लंबित थी। हालांकि, इस निर्णय से आम खरीदारों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा, जिन्हें अब अफोर्डेबल हाउसिंग में भी पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।

सरकार की योजना के तहत फ्लैट्स की कीमतों में 10 प्रतिशत तक का इजाफा संभव है। वहीं, ई-भूमि पोर्टल पर जमीन खरीद नीति में भी बदलाव प्रस्तावित है। वर्तमान में सरकार कलेक्टर रेट के तीन गुना तक की सीमा पर ही भूमि खरीद सकती है, लेकिन अब इस सीमा को हटाने पर विचार किया जा रहा है। अगर यह प्रस्ताव पास होता है तो जमीन बेचने वाले अपने रेट स्वयं तय कर सकेंगे, वहीं सरकार अपनी जरूरत के अनुसार किसी भी रेट पर जमीन खरीद सकेगी। इससे विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बैठक में एक और अहम फैसला टीचर ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर हो सकता है। शिक्षा विभाग की लंबे समय से लंबित तबादला नीति में संशोधन प्रस्तावित है। नई नीति को मंजूरी मिलते ही जेबीटी शिक्षकों के नौ साल और अन्य कैडर के तीन साल से रुके हुए तबादले शुरू हो सकेंगे। अन्य विभागों की ट्रांसफर पॉलिसी में भी बदलाव की संभावना है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी आएगी।

इसके अलावा, राज्य सरकार वेयरहाउसिंग नीति को भी अंतिम रूप देने जा रही है, जिससे कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में भंडारण क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे को लेकर भी तैयारी और एजेंडा पर चर्चा होगी।

गौरतलब है कि पिछली कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के विलय को मंजूरी दी थी। अब सरकार आवास, जमीन और शिक्षा से जुड़ी नीतियों में सुधार के जरिए विकास को गति देना चाहती है।