हरियाणा में कोहरा और कोल्ड-डे का अलर्ट जारी, 10 जिलों में विजिबिलिटी 50 मीटर से कम
हरियाणा में कोहरे और कोल्ड-डे का अलर्ट। मौसम विभाग ने 16 जिलों में यलो और ओरेंज अलर्ट जारी किया। अगले तीन दिनों में तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिरने की संभावना।
- हरियाणा में कोहरे और कोल्ड-डे का डबल अलर्ट
- 10 जिलों में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम
- अगले 3 दिन तापमान 5 डिग्री तक गिरेगा
हरियाणा में कड़ाके की ठंड का असर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश में कोहरे और शीत लहर को लेकर यलो और ओरेंज अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के चलते अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। दिन के तापमान में भी कमी दर्ज की जाएगी।
मौसम विभाग ने 16 जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कोहरे और शीत लहर को देखते हुए सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, पानीपत और सोनीपत जिलों में ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में घना कोहरा छाने की संभावना है, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह सकती है।
वहीं पंचकूला, यमुनानगर, भिवानी, रोहतक, चरखीदादरी, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल और फरीदाबाद जिलों में यलो अलर्ट लागू किया गया है। इन जिलों में भी सुबह और रात के समय कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 24 से 27 दिसंबर के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बहुत घना कोहरा रहेगा। खासकर सुबह के समय सड़क और रेल यातायात पर इसका असर पड़ सकता है। कई जिलों में कोल्ड-डे की स्थिति बन सकती है, जहां दिन के समय भी ठंड का असर बना रहेगा।
न्यूनतम तापमान की बात करें तो नारनौल इस समय प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बना हुआ है, जहां तापमान गिरकर 5.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हिसार में भी न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री दर्ज किया गया। राज्य के ज्यादातर जिलों में रात का औसत तापमान 6 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
दिन के तापमान में भी गिरावट देखी जा रही है। प्रदेश में अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण दिन का तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री कम बना हुआ है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है। वहां से आ रही ठंडी हवाओं ने मैदानी क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ा दी है। 28 दिसंबर के बाद एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है, जिससे बादल छा सकते हैं।
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