हरियाणा में ग्रुप-D भर्ती का बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन शुरू, 20 से 30 अप्रैल तक 9 दिन में पूरी होगी प्रक्रिया

हरियाणा में ग्रुप-D भर्ती के लिए 20 से 30 अप्रैल तक बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा, 13,246 अभ्यर्थियों की जांच, फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार का सख्त कदम।

हरियाणा में ग्रुप-D भर्ती का बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन शुरू, 20 से 30 अप्रैल तक 9 दिन में पूरी होगी प्रक्रिया

हरियाणा में ग्रुप-D भर्ती का बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य
20 से 30 अप्रैल तक 9 दिन में पूरी होगी प्रक्रिया
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार का सख्त प्लान


हरियाणा सरकार ने ग्रुप-D भर्ती (विज्ञापन नंबर 01/2023) में चयनित अभ्यर्थियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सभी चयनित उम्मीदवारों का बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराने का निर्णय लिया है, ताकि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह के फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके

मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह प्रक्रिया 20 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी और इसे सिर्फ 9 दिनों में पूरा किया जाएगा। वेरिफिकेशन राज्य के सभी डिवीजन स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके।

सरकार ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों और डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि वेरिफिकेशन के लिए पर्याप्त स्टाफ और तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

इसके साथ ही प्रत्येक दिन उपस्थित और अनुपस्थित अभ्यर्थियों की रिपोर्ट तैयार करना अनिवार्य होगा। साथ ही जिन मामलों में बॉयोमेट्रिक मैच और मिसमैच होगा, उनका अलग से रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

किस डिवीजन में कब होगा वेरिफिकेशन

  • अंबाला डिवीजन – 20 अप्रैल 2026
  • करनाल डिवीजन – 21 अप्रैल 2026
  • रोहतक डिवीजन – 22 व 23 अप्रैल 2026
  • हिसार डिवीजन – 24 व 27 अप्रैल 2026
  • फरीदाबाद डिवीजन – 28 अप्रैल 2026
  • गुरुग्राम डिवीजन – 29 अप्रैल 2026
  • पंचकूला/चंडीगढ़ डिवीजन – 30 अप्रैल 2026

कितने अभ्यर्थियों का होगा वेरिफिकेशन

  • ग्रुप-D कर्मचारी: 12,393
  • डिवीजन कार्यालयों में अटैच कर्मचारी: 853
  • कुल अभ्यर्थी: 13,246

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि हर डिवीजन में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।

यह कदम उन सभी अभ्यर्थियों के लिए अहम है, जो लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे थे। अब इस वेरिफिकेशन के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।