हरियाणा सरकार ने मंत्रियों को बांटे जिले, नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू

हरियाणा सरकार ने कैबिनेट और राज्य मंत्रियों को जिलों का कार्यभार सौंप दिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी गुरुग्राम और सिरसा की बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।

हरियाणा सरकार ने मंत्रियों को बांटे जिले, नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू
  • हरियाणा सरकार ने मंत्रियों को जिलों का नया कार्यभार सौंपा
  • मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद गुरुग्राम और सिरसा की बैठकों की करेंगे अध्यक्षता
  • जन शिकायतों के त्वरित समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही पर रहेगा फोकस

हरियाणा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य के कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों को अलग-अलग जिलों का कार्यभार सौंप दिया है। राज्यपाल के आदेशानुसार जारी अधिसूचना के तहत अब मंत्री अपने आवंटित जिलों में मासिक बैठकों की अध्यक्षता करेंगे और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली की निगरानी करेंगे।

सरकार की ओर से जारी इस नई व्यवस्था का उद्देश्य जिला स्तर पर जन शिकायतों और याचिकाओं का तेजी से निपटारा करना, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत बनाना बताया गया है।

अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं गुरुग्राम और सिरसा जिलों की मासिक बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। वहीं, वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री अनिल विज को यमुनानगर की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कृष्ण लाल पंवार को पंचकूला और कुरुक्षेत्र का कार्यभार सौंपा गया है।

सरकार का मानना है कि मंत्रियों की सीधी निगरानी से जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और लोगों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सकेगा। यह समितियां स्थानीय विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और जनहित परियोजनाओं की भी समीक्षा करेंगी।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में इन आवंटनों में बदलाव भी किया जा सकता है। इससे सरकार प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से लचीलापन बनाए रखेगी।

नई सूची के तहत राव नरबीर सिंह को रेवाड़ी और हांसी, महिपाल ढांडा को पलवल और सोनीपत, जबकि विपुल गोयल को नूंह और महेंद्रगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा अरविंद कुमार शर्मा को हिसार और चरखी दादरी, श्याम सिंह राणा को करनाल और कैथल, तथा रणबीर गंगवा को पानीपत और झज्जर का कार्यभार सौंपा गया है।

कृष्ण कुमार को अंबाला और फतेहाबाद, श्रुति चौधरी को रोहतक, जबकि आरती सिंह राव को फरीदाबाद जिले की जिम्मेदारी मिली है।

वहीं, राज्य मंत्रियों में राजेश नागर को भिवानी और गौरव गौतम को जींद जिले की जिम्मेदारी दी गई है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को सरकार की नई मॉनिटरिंग रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे जिलों में विकास कार्यों की गति बढ़ेगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।

किसे मिला कौन सा जिला (पूरी सूची):

  1. नायब सिंह (मुख्यमंत्री): गुरुग्राम, सिरसा

  2. अनिल विज (ऊर्जा मंत्री): यमुनानगर

  3. कृष्ण लाल पंवार (विकास एवं पंचायत मंत्री): पंचकूला, कुरुक्षेत्र

  4. राव नरबीर सिंह (उद्योग मंत्री): रेवाड़ी, हांसी

  5. महिपाल ढांडा (स्कूल शिक्षा मंत्री): पलवल, सोनीपत

  6. विपुल गोयल (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री): नूह, महेंद्रगढ़

  7. अरविंद कुमार शर्मा (सहकारिता मंत्री): हिसार, चखी दादरी

  8. श्याम सिंह राणा (कृषि मंत्री): करनाल, कैथल

  9. रणबीर गंगवा (जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री): पानीपत, झज्जर

  10. कृष्ण कुमार (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री): अंबाला, फतेहाबाद

  11. श्रुति चौधरी (महिला एवं बाल विकास मंत्री): रोहतक

  12. आरती सिंह राव (स्वास्थ्य मंत्री): फरीदाबाद

  13. राजेश नागर (राज्य मंत्री, खाद्य एवं आपूर्ति): भिवानी

  14. गौरव गौतम (राज्य मंत्री, युवा अधिकारिता): जींद