भिवानी में मकान ढहा, 3 बच्चों की मौत, 3 घायल

हरियाणा में मानसून से तबाही, घग्गर-मारकंडा नदी उफान पर। भिवानी में मकान ढहने से 3 बच्चों समेत कई लोगों की मौत, कुरुक्षेत्र और फतेहाबाद में भी हादसे। 8 जिलों में स्कूल बंद, प्रशासन अलर्ट पर।

भिवानी में मकान ढहा, 3 बच्चों की मौत, 3 घायल

फाइल फोटो-

➤ घग्गर-मारकंडा नदी उफान पर, 10 गांव जलमग्न
भिवानी में मकान ढहा, 3 बच्चों की मौत, 3 घायल
8 जिलों में स्कूल बंद, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं


हरियाणा में मानसून का कहर जारी है। सबसे दर्दनाक हादसा भिवानी जिले के कलिंगा गांव में हुआ, जहां बारिश के चलते मकान गिर गया। मलबे में दबकर एक ही परिवार के 3 मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को रोहतक PGI रेफर किया गया है। मंगलवार और बुधवार को हुई लगातार बारिश से घग्गर और मारकंडा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पानी गांवों में घुसने से कुरुक्षेत्र, पिहोवा और शाहाबाद क्षेत्र के 10 गांव प्रभावित हो चुके हैं। खेतों और सड़कों पर पानी भर जाने से आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज पर बुधवार सुबह 1 लाख 63 हजार 994 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। बैराज के फ्लड गेट खुले होने से पानी लगातार निचले इलाकों की ओर छोड़ा जा रहा है।

कुरुक्षेत्र के शाहाबाद की अमर विहार कॉलोनी में बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। एक मकान की छत गिरने से 2 सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी तरह फतेहाबाद के टोहाना उपखंड के समैन गांव में भी मकान की छत ढहने से एक व्यक्ति की जान चली गई।

सबसे दर्दनाक हादसा भिवानी जिले के कलिंगा गांव में हुआ, जहां बारिश के चलते मकान गिर गया। मलबे में दबकर एक ही परिवार के 3 मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को रोहतक PGI रेफर किया गया है।

हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने कई जिलों में स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। बुधवार को झज्जर, पंचकूला, अंबाला, भिवानी, हिसार (हांसी ब्लॉक के 30 स्कूल), यमुनानगर (छछरौली ब्लॉक), कुरुक्षेत्र (पिहोवा व शाहाबाद ब्लॉक) और फतेहाबाद (टोहाना, जाखल व भूना ब्लॉक) के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहे।

IMD चंडीगढ़ ने हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात और पलवल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है।

लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान से लोगों में डर और चिंता बढ़ गई है। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं। मकानों के ढहने से जनहानि भी बढ़ रही है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है।