हरियाणा में NHM कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब एक बार बदल सकेंगे जिला; विधवा और गंभीर बीमारी वालों को प्राथमिकता

हरियाणा में NHM कर्मचारियों को एक बार जिला बदलने का मौका मिलेगा। गंभीर बीमारी, विधवा और सिंगल पैरेंट को प्राथमिकता, चार जिलों का विकल्प और ऑनलाइन मेरिट होगी।

हरियाणा में NHM कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब एक बार बदल सकेंगे जिला; विधवा और गंभीर बीमारी वालों को प्राथमिकता

NHM कर्मचारियों को अब एक बार अंतर-जिला पुनर्नियोजन का मौका मिलेगा
गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, विधवा और सिंगल पैरेंट को प्राथमिकता दी जाएगी
चार जिलों का विकल्प, ऑनलाइन मेरिट सूची और सात दिन में रिलीविंग का प्रावधान

हरियाणा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों के लिए जिला बदलने को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। अब कर्मचारी अपने सेवाकाल में एक बार अंतर-जिला पुनर्नियोजन के लिए आवेदन कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और कर्मचारियों का चयन निर्धारित प्राथमिकता श्रेणी, उपलब्ध स्वीकृत रिक्तियों और संतोषजनक सेवा अवधि के आधार पर किया जाएगा।

एनएचएम हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आरएस ढिल्लो के अनुसार, अंतर-जिला पुनर्नियोजन के लिए पांच प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, सिंगल पैरेंट, विधवा एवं अन्य पात्र महिलाओं, गंभीर बीमारी से पीड़ित आश्रितों वाले कर्मचारियों और दूसरे जिले में तैनात पति या पत्नी वाले दंपती को शामिल किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी आवेदन करते समय अधिकतम चार जिलों का चयन प्राथमिकता क्रम में कर सकेंगे। यदि पहले विकल्प वाले जिले में संबंधित पद की स्वीकृत रिक्ति उपलब्ध नहीं होती है तो दूसरे, तीसरे और चौथे विकल्प पर विचार किया जाएगा। जिस विकल्प के आधार पर कर्मचारी का पुनर्नियोजन हो जाएगा, उसके बाद नीचे दिए गए विकल्प स्वत: समाप्त माने जाएंगे। आवेदन जमा करने के बाद चुने गए विकल्पों में बदलाव की अनुमति नहीं होगी।

गंभीर बीमारी और दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को पहली प्राथमिकता

अंतर-जिला पुनर्नियोजन में सबसे पहली प्राथमिकता ऐसे कर्मचारियों को दी जाएगी जो दिव्यांगता, गंभीर पुरानी बीमारी, जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली बीमारी या ऐसी असमर्थता से जूझ रहे हैं, जिसके कारण उन्हें लगातार उपचार की आवश्यकता है।

इसके बाद नाबालिग बच्चों वाले सिंगल पैरेंट को प्राथमिकता मिलेगी। तीसरी श्रेणी में 35 वर्ष से अधिक उम्र की विधवा, तलाकशुदा या न्यायिक रूप से अलग महिला तथा इसी आयु वर्ग की अविवाहित महिला को रखा गया है।

चौथी प्राथमिकता उन कर्मचारियों को मिलेगी, जिनके आश्रित पति, पत्नी, बच्चे या माता-पिता बेंचमार्क दिव्यांगता अथवा गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। पांचवीं श्रेणी में ऐसे दंपती शामिल होंगे, जिनके पति या पत्नी दूसरे जिले में तैनात हैं।

यदि कोई कर्मचारी एक से अधिक प्राथमिकता श्रेणियों में आता है तो उसे केवल सबसे ऊपर लागू होने वाली श्रेणी में ही माना जाएगा। वहीं, यदि एक ही श्रेणी में समान पद की एक रिक्ति के लिए कई कर्मचारी दावेदार होते हैं तो NHM में लगातार संतोषजनक सेवा अवधि अधिक रखने वाले कर्मचारी को वरीयता दी जाएगी।

चार जिलों का विकल्प चुन सकेंगे कर्मचारी

पुनर्नियोजन के लिए आवेदन करते समय कर्मचारी चार जिलों को प्राथमिकता क्रम में चुन सकेंगे। पहले विकल्प वाले जिले में संबंधित पद उपलब्ध नहीं होने पर अगले विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

हालांकि, एक बार किसी विकल्प के आधार पर पुनर्नियोजन मिलने के बाद उसके नीचे वाले विकल्प समाप्त हो जाएंगे। आवेदन जमा करने के बाद कर्मचारी को अपने विकल्प बदलने की अनुमति नहीं होगी।

नई व्यवस्था के तहत जिला बदलने की प्रक्रिया को सामान्य तबादला नहीं माना जाएगा। पुनर्नियोजन से कर्मचारी को नियमितीकरण, वरिष्ठता, सेवा में समाहित होने या सेवा जारी रखने का कोई नया अधिकार नहीं मिलेगा। कर्मचारी का पुनर्नियोजन उसके वर्तमान पदनाम पर ही किया जाएगा।

दो साल की लगातार संतोषजनक संविदा सेवा जरूरी

अंतर-जिला पुनर्नियोजन के लिए कर्मचारी के पास कम से कम दो वर्ष की लगातार संतोषजनक संविदा सेवा होना जरूरी है। निलंबन, बिना वेतन अवकाश और सेवा में टूट की अवधि को इस सेवा अवधि में शामिल नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, कारण बताओ नोटिस, प्रतिकूल कार्रवाई या सतर्कता जांच लंबित होगी, वे अंतर-जिला पुनर्नियोजन के लिए पात्र नहीं होंगे।

आवेदन से 15 दिन पहले पोर्टल पर दिखेंगी रिक्तियां

हर जिले की स्वीकृत रिक्तियों की पदवार सूची आवेदन शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले NHM पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। पुनर्नियोजन के लिए केवल वही रिक्ति मान्य होगी, जो HRIS में स्वीकृत पद के रूप में दर्ज हो और NHM हरियाणा द्वारा सत्यापित हो।

सिर्फ सिविल सर्जन की ओर से बताई गई ऐसी रिक्ति, जो HRIS में दर्ज नहीं है, उसके आधार पर कर्मचारी का पुनर्नियोजन नहीं किया जाएगा। इससे आवेदन प्रक्रिया में स्वीकृत पदों और वास्तविक उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर ही विचार किया जाएगा।

ऑनलाइन बनेगी प्रोविजनल मेरिट सूची

अंतर-जिला पुनर्नियोजन के लिए आवेदन करने और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद पोर्टल स्वत: प्रोविजनल मेरिट सूची तैयार करेगा। इस प्रक्रिया में मैनुअल हस्तक्षेप का प्रावधान नहीं होगा।

जारी की गई प्रोविजनल सूची पर कर्मचारी तीन दिन के भीतर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी।

सात कार्य दिवस में आदेश, 15 दिन में नए जिले में ज्वाइनिंग

अंतिम सूची जारी होने के बाद सात कार्य दिवस के भीतर पुनर्नियोजन आदेश जारी करने का प्रावधान है। आदेश मिलने के बाद कर्मचारी को अपने पुराने जिले से सात दिन के भीतर रिलीव होना होगा।

इसके बाद कर्मचारी को नए जिले में 15 दिन के भीतर ज्वाइन करना होगा। इस तरह नई व्यवस्था में आवेदन से लेकर मेरिट सूची और पुनर्नियोजन आदेश तक की प्रक्रिया को ऑनलाइन और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रावधान किया गया है।