करनाल में नकली जिंक सल्फेट का खुलासा, 33% के नाम पर बेचा उत्पाद, पोषक तत्व मिले शून्य,दुकानदार पर केस

करनाल के घरौंडा में 33 प्रतिशत जिंक सल्फेट का सैंपल रोहतक लैब में फेल हुआ। पोषक तत्व शून्य मिलने पर दुकानदार और निर्माता के जिम्मेदार व्यक्ति पर केस हुआ।

करनाल में नकली जिंक सल्फेट का खुलासा, 33% के नाम पर बेचा उत्पाद, पोषक तत्व मिले शून्य,दुकानदार पर केस

करनाल के घरौंडा में जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट 33 प्रतिशत का सैंपल फेल, पोषक तत्व मिले शून्य
कृषि विभाग ने दुकानदार और निर्माता कंपनी के जिम्मेदार व्यक्ति पर किसानों से धोखाधड़ी का आरोप लगाया
रोहतक लैब की रिपोर्ट के बाद घरौंडा थाना पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज किया

करनाल जिले के घरौंडा की नई अनाज मंडी स्थित श्री श्याम जी इंटरप्राइजेज से लिए गए जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट 33 प्रतिशत के सैंपल में पोषक तत्वों की मात्रा शून्य मिली है। कृषि विभाग की ओर से सैंपल की जांच कराए जाने के बाद मामला सामने आया। विभाग ने आरोप लगाया कि 33 प्रतिशत जिंक सल्फेट के नाम पर ऐसा उत्पाद किसानों को बेचा गया, जिसमें पोषक तत्व ही नहीं मिले।

मामले में कृषि विभाग की शिकायत पर थाना घरौंडा पुलिस ने दुकानदार, फर्म और निर्माता कंपनी के जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने यह कार्रवाई कृषि विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई शिकायत और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर की है।

4 जून को लिया गया था जिंक सल्फेट का सैंपल

कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, करनाल के सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी अनिल चौहान ने थाना घरौंडा में दी शिकायत में बताया कि बीती 4 जून को मैसर्स श्री श्याम जी इंटरप्राइजेज, शॉप नंबर 169, नई अनाज मंडी, घरौंडा से जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट 33 प्रतिशत का सैंपल लिया गया था।

उत्पाद पर इसकी निर्माण तारीख 2 मार्च 2026 और समाप्ति तारीख 1 मार्च 2029 दर्ज थी। उत्पाद का निर्माता तेलंगाना के हैदराबाद स्थित एम/एस श्रीकर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, मेडचल मल्काजगिरी जिले को बताया गया था।

जांच के दौरान मौके पर इस उत्पाद के 20 पैकेट, प्रत्येक 5 किलो का स्टॉक मौजूद था। कृषि विभाग के अधिकारी ने सतीश कुमार पुत्र श्री कृष्ण कुमार की मौजूदगी में जिंक सल्फेट का सैंपल लिया और उसे नियमानुसार सील किया।

रोहतक की गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में भेजा गया सैंपल

सैंपल को विश्लेषण के लिए गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला, रोहतक भेजा गया। शिकायत के अनुसार इसे 8 जून को प्रयोगशाला भेजा गया था। इसके बाद गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला, रोहतक के उर्वरक विश्लेषक प्रभारी ने 22 जून को सैंपल की रिपोर्ट जारी की।

रिपोर्ट में सैंपल का परिणाम जीरो आया। यानी जांच में सैंपल फेल पाया गया और उसमें पोषक तत्वों की मात्रा शून्य मिली।

सैंपल फेल होने के बाद जारी किया गया कारण बताओ नोटिस

सैंपल की रिपोर्ट फेल आने के बाद उप निदेशक कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, करनाल ने संबंधित डीलर, जिम्मेदार व्यक्ति और निर्माता कंपनी के जिम्मेदार व्यक्ति को 1 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

यह नोटिस मैसर्स श्री श्याम जी इंटरप्राइजेज, शॉप नंबर 169, नई अनाज मंडी घरौंडा, सतीश कुमार पुत्र कृष्ण कुमार निवासी गांव कलरोन, निर्माता कंपनी एम/एस श्रीकर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड तथा उसके जिम्मेदार व्यक्ति दिनेश जोशी पुत्र चंद्रकांत जोशी निवासी प्लॉट नंबर 80, गली नंबर 6, मोहन कॉलोनी, बांसवाड़ा, सेवना, बांसवाड़ा को जारी किया गया था।

निर्माता कंपनी की ओर से 18 जुलाई 2026 को नोटिस का जवाब दिया गया। हालांकि कृषि विभाग के अनुसार कंपनी की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

पोषक तत्व शून्य मिलने पर एफआईआर का प्रावधान

कृषि विभाग की शिकायत में कृषि निदेशक हरियाणा के 12 अगस्त 1992 के पत्र क्रमांक 875-89/क्यूसी-1, चंडीगढ़ का भी हवाला दिया गया है। शिकायत के अनुसार इस पत्र में प्रावधान बताया गया है कि यदि किसी फर्म से लिया गया सैंपल पोषक तत्वों की मात्रा में शून्य पाया जाता है या उसे नकली माना जाता है, तो जिस डीलर के परिसर से सैंपल लिया गया है, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है।

इसी प्रावधान के आधार पर कृषि विभाग ने मामले में पुलिस कार्रवाई की मांग की। विभाग का आरोप है कि जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट 33 प्रतिशत के नाम पर शून्य पोषक तत्व वाला उत्पाद बेचा गया, जिससे किसानों के साथ धोखाधड़ी हुई।

दुकानदार और निर्माता कंपनी के जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई की मांग

कृषि विभाग ने डीलर सतीश कुमार पुत्र कृष्ण कुमार, फर्म मैसर्स श्री श्याम जी इंटरप्राइजेज और निर्माता कंपनी एम/एस श्रीकर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के जिम्मेदार व्यक्ति दिनेश जोशी पुत्र चंद्रकांत जोशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

विभाग की ओर से शिकायत में कहा गया कि 33 प्रतिशत जिंक सल्फेट के नाम पर ऐसा उत्पाद बेचा गया, जिसके सैंपल में पोषक तत्वों की मात्रा शून्य मिली। इसके बाद संबंधित पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

22 सितंबर को दर्ज हुआ मुकदमा

थाना घरौंडा पुलिस ने 22 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया। मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराएं 7, 10 और 55 तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के क्लाज 19 के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस ने कृषि विभाग की असल शिकायत और संबंधित दस्तावेजों को आधार बनाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एसआई ऊमेश कुमार कर रहे हैं। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की जांच में जुटी है।