कपड़ा व्यापारी से ऑनलाइन ठगी, महिला ने फोन हैक कर उड़ाए लाखों
हिसार के कपड़ा व्यापारी जगजीत सिंह से एक महिला ने क्रेडिट कार्ड का ऑफर देकर फोन हैक कर लिया। एसबीआई और इंडसइंड बैंक के क्रेडिट कार्ड से ₹2.92 लाख रुपए निकाले गए। साइबर थाना पुलिस ने BNS की धाराओं में केस दर्ज किया, जांच जारी है।
➤ हिसार में कपड़ा व्यापारी से ऑनलाइन ठगी, फोन हैक कर 2.92 लाख उड़ाए गए
➤ महिला ने क्रेडिट कार्ड का ऑफर देकर भेजा फर्जी लिंक, एपीके फाइल से हुआ फोन हैक
➤ साइबर थाना पुलिस ने दुकानदार की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की
हरियाणा के हिसार जिले के पटेल नगर में रहने वाले कपड़ा व्यापारी जगजीत सिंह पाल ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। 62 वर्षीय जगजीत सिंह ने साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि एक अनजान महिला ने क्रेडिट कार्ड बनवाने का झांसा देकर उनके मोबाइल फोन को हैक कर लिया और उनके दोनों क्रेडिट कार्ड से कुल 2 लाख 92 हजार रुपए निकाल लिए।
जगजीत सिंह ने बताया कि वह पटेल नगर में साईं गारमेंट्स नाम से कपड़ों की दुकान चलाते हैं। उनके पास एसबीआई बैंक और इंडसइंड बैंक दोनों के क्रेडिट कार्ड हैं। उन्होंने बताया कि 28 सितंबर की दोपहर वह अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी वॉट्सऐप कॉल पर एक महिला ने संपर्क किया। महिला ने खुद को HDFC बैंक की प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि वह उन्हें गोल्ड क्रेडिट कार्ड का ऑफर दे रही है।
महिला ने विश्वास जीतने के लिए उनसे व्यक्तिगत जानकारी और आधार विवरण मांगा। उसने कहा कि वह आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक लिंक भेज रही है, जिस पर क्लिक करके फॉर्म भरना होगा। जगजीत ने जैसे ही लिंक खोला, उनका मोबाइल हैंग हो गया और कुछ देर बाद बैंक से ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे। जब उन्होंने आस-पड़ोस में जानकारी की, तो पता चला कि वह APK फाइल के जरिए फोन हैकिंग के शिकार हो चुके हैं।
इस दौरान उनके एसबीआई और इंडसइंड बैंक के क्रेडिट कार्ड से 6 बार ट्रांजैक्शन किए गए और कुल ₹2,92,000 रुपए निकाल लिए गए। ठगी का पता चलते ही उन्होंने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और बाद में हिसार साइबर थाना में भी रिपोर्ट दी।
पुलिस ने BNS की धारा 318(4) और 61 के तहत केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि ठगों ने बड़ी चालाकी से फिशिंग लिंक भेजकर पीड़ित का फोन हैक किया और रिमोट एक्सेस लेकर ट्रांजैक्शन की। पुलिस अब लिंक और कॉल ट्रेस करने में जुटी हुई है, ताकि ठगों के गिरोह तक पहुंचा जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के साइबर अपराधों में अक्सर फर्जी बैंक अधिकारियों के नाम पर कॉल कर ऑफर दिए जाते हैं और लिंक या ऐप डाउनलोड करवाकर डेटा चोरी किया जाता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, और अगर कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज मिले, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचित करें।
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