IPS वाई पूरन कुमार केस: मुख्य सचिव राजेश खुल्लर के लिए मुश्किलें बढ़ीं, HCS एसोसिएशन ने CM को पत्र लिखा, सभी आरोपी अफसरों को पद से हटाने की मांग
हरियाणा मेंIPSवाई पूरन कुमार सुसाइड केस में मुख्य सचिव राजेश खुल्लर का नाम सामने आया। FIR के आधार पर वरिष्ठ IAS-IPS अफसरों पर कार्रवाई हुई। HCS एसोसिएशन ने सभी आरोपी अफसरों को पद से हटाने की मांग की।
➤ मुख्य सचिव राजेश खुल्लर के लिए बढ़ा दबाव, वाई पूरन कुमार केस में FIR दर्ज
➤ फाइनल नोट में नाम आने से प्रशासनिक सस्पेंस और संवेदनशीलता बढ़ी
➤ HCS एसोसिएशन ने CM को पत्र लिखा, सभी आरोपी अफसरों को पद से हटाने की मांग
चंडीगढ़। हरियाणा में वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में अब मुख्य सचिव राजेश खुल्लर के लिए प्रशासनिक दबाव बढ़ गया है। चंडीगढ़ पुलिस ने दिवंगत अफसर के फाइनल नोट के आधार पर FIR दर्ज की है, जिसमें मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
इस FIR में 156 नंबर के तहत कार्रवाई की गई है। इसमें BNS की धारा 108, 3(5) और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) का हवाला दिया गया है। FIR में उन सभी अफसरों को आरोपी बनाया गया जिनके नाम पूरन कुमार के नोट में थे। HCS एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की कि सभी आरोपी अफसरों को पद से हटाकर जांच निष्पक्ष रूप से की जाए।
सूत्रों के अनुसार, पूरन कुमार को लंबे समय से मेन पोस्टिंग से नाराज वरिष्ठ अफसरों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका अंतिम नोट इस बात का प्रमाण है कि मुख्य सचिव सहित अन्य सीनियर अफसरों ने उन्हें जातीय भेदभाव और गैरकानूनी पोस्टिंग के जरिए परेशान किया।
परिवार की अनुमति मिलने के बाद अब पोस्टमॉर्टम और मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा। HCS और SC वर्ग के IAS-IPS अफसर परिवार के समर्थन में खड़े हैं। यह मामला हरियाणा में पहली बार है जब मुख्य सचिव समेत इतने वरिष्ठ अफसरों पर FIR दर्ज हुई है।
FIR और जांच का हाल
चंडीगढ़ पुलिस ने 156 नंबर FIR दर्ज की है, जिसमें BNS की धारा 108, 3(5) और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत मुख्य सचिव समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। FIR का आधार वाई पूरन कुमार का फाइनल सुसाइड नोट है, जिसमें 15 IAS-IPS अफसरों के नाम दर्ज थे।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव राजेश खुल्लर ने खुद को मामले से अलग रखने का प्रयास किया है, लेकिन उनके नाम के सार्वजनिक होने से प्रशासनिक दबाव और बढ़ गया है।
मुख्य सचिव एंगल से केस की संवेदनशीलता
आईएएस वाई पूरन कुमार को लंबे समय तक मेन पोस्टिंग से नाराज बड़े अफसरों द्वारा प्रताड़ित किया गया था। उनके अंतिम नोट में मुख्य सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ आरोप थे कि उन्हें जातीय भेदभाव और गैरकानूनी पोस्टिंग के जरिए परेशान किया गया।
इस पूरे मामले में HCS और SC वर्ग के अधिकारी पूरन कुमार के परिवार के समर्थन में खड़े हैं। अब परिवार की अनुमति के बाद पोस्टमॉर्टम और मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा। यह पहला मौका है जब किसी सीनियर IAS और IPS अफसरों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।
HCS एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सभी आरोपियों को पद से हटाने की मांग की
हरियाणा में वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में हरियाणा सिविल सर्विस ऑफिसर एसोसिएशन (HCS Association) ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिखकर मुख्य सचिव राजेश खुल्लर और अन्य सभी आरोपी IAS-IPS अधिकारियों को पद से हटाने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा कि बिना किसी प्रभाव और दबाव के जांच हो ताकि निष्पक्ष कार्रवाई की जा सके।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि परिवार और समाज के हित में यह कदम जरूरी है। FIR में दर्ज अफसरों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसे संवेदनशील मामलों में प्रशासनिक दबाव या जातीय भेदभाव न हो। यह पहला मामला है जब मुख्य सचिव समेत वरिष्ठ अफसरों पर FIR दर्ज हुई है। HCS एसोसिएशन ने न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों को अस्थायी रूप से पद से हटाने की सिफारिश की है।
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Akhil Mahajan