वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप: हरियाणा की मीनाक्षी ने 3 बार की वर्ल्ड चैंपियन को हराया, जीता गोल्ड
➤ मीनाक्षी ने 48 किग्रा फाइनल में 3 बार की वर्ल्ड चैंपियन कजाक बॉक्सर को हराया
➤ जैस्मिन लंबोरिया ने भी 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड अपने नाम किया
➤ भारत ने मौजूदा सीजन में अब तक जीते 4 मेडल – 2 गोल्ड, 1 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज, सभी मेडल हरिायणा के खिलाडि़यों के नाम
➤ 2013 के बाद पहली बार पुरुष बॉक्सर रहे मेडल से खाली हाथ
इंग्लैंड में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया। रविवार को मीनाक्षी ने 48 किग्रा वेट कैटेगरी के फाइनल में तीन बार की विश्व विजेता कजाकिस्तान की नजिम काईजीबे को 4-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। मिनाक्षी भी हरियाणा की है। वह रोहतक की रहने वाली है। जिन्होंने तीन बार की विश्व विजेता कजाकिस्तान की नजिम काईजीबे को पछाड़ा है। इससे पहले 57 किग्रा वर्ग में जैस्मिन लंबोरिया ने पोलैंड की जूलिया स्जेरेमेटा को 4-1 से मात देकर स्वर्ण पदक जीता। इस तरह मीनाक्षी टूर्नामेंट में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय बॉक्सर बनीं। भारत अब तक इस चैंपियनशिप में 2 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज जीत चुका है। दोनों गोल्ड हरियाणा की खिलाडि़यों दिलाएं हैं।
भारत का नया मुकाम
मीनाक्षी की जीत के साथ भारत के वर्ल्ड चैंपियंस की संख्या डबल डिजिट (10) में पहुंच गई है। विमेंस कैटेगरी में यह भारत का 16वां गोल्ड मेडल है। इसके अलावा भारत ने अब तक 9 सिल्वर और 22 ब्रॉन्ज मेडल भी जीते हैं।
फाइनल मुकाबलों का हाल
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मीनाक्षी ने पेरिस ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट कजाक बॉक्सर नजिम काईजीबे को बैकफुट स्ट्रेट पंच से पछाड़ा।
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जैस्मिन ने पहला राउंड हारने के बाद शानदार वापसी की और आक्रामक खेल दिखाकर जजों का दिल जीता।
जीत के बाद जैस्मिन ने कहा –
"इस एहसास को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। पेरिस ओलिंपिक की हार के बाद मैंने खुद को तैयार किया और आज उसका फल मिला।"
पुरुष बॉक्सरों की निराशा
जहाँ महिलाओं ने चमक बिखेरी, वहीं पुरुष बॉक्सर 12 साल बाद बिना मेडल के लौटे। 2013 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। 10 सदस्यीय पुरुष दल में सिर्फ जादुमणि सिंह और अभिनाश जमवाल क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे, लेकिन मेडल नहीं जीत सके।
2023 ताशकंद चैंपियनशिप में भारत को पुरुष वर्ग से 3 ब्रॉन्ज मिले थे, लेकिन इस बार सभी खाली हाथ लौटे।
Akhil Mahajan