सोनिया गांधी ने दलित अधिकारी की पत्नी को लिखा पत्र, जताई गहरी संवेदना

सोनिया गांधी ने हरियाणा के आईपीएस अधिकारी की पत्नी को पत्र लिखकर संवेदना जताई। कहा- आज भी वरिष्ठ दलित अधिकारियों को बराबरी का अवसर नहीं मिलता। राहुल गांधी बोले- यह सामाजिक जहर का प्रतीक है।

सोनिया गांधी ने दलित अधिकारी की पत्नी को लिखा पत्र, जताई गहरी संवेदना

➤सोनिया गांधी ने दलित अधिकारी की पत्नी को लिखा पत्र, जताई गहरी संवेदना
➤कहा- आज भी वरिष्ठ दलित अफसरों को बराबरी का हक नहीं
➤राहुल गांधी बोले- यह ‘सामाजिक जहर’ का प्रतीक है


नई दिल्ली। कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की पत्नी को पत्र लिखकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने पत्र में लिखा कि यह घटना समाज के उस कड़वे सच को सामने लाती है कि आज भी वरिष्ठ दलित अफसरों को बराबरी का अवसर नहीं मिल पाता।
सोनिया गांधी ने लिखा कि अधिकारी की मृत्यु केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता का दर्पण है। उन्होंने कहा कि दलित समाज के अधिकारी और कर्मचारी आज भी भेदभाव और असमानता का सामना कर रहे हैं, जो स्वतंत्र भारत के लिए शर्म की बात है।

इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक सुसाइड केस नहीं, बल्कि हमारे समाज में गहराई तक फैले ‘सामाजिक जहर’ का प्रतीक है। राहुल ने कहा कि जब तक हर वर्ग को समान अवसर और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक असली न्याय की बात अधूरी रहेगी।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जब एक वरिष्ठ दलित अधिकारी खुद को अकेला और असुरक्षित महसूस करता है, तो यह दर्शाता है कि समाज के भीतर कितनी गहरी दरारें हैं। हमें केवल सहानुभूति नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।”

कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार से दलित अफसरों की सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाने की मांग की है। वहीं, सोशल मीडिया पर यह मामला लगातार चर्चा में है। आम लोग भी इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या आज भी सरकारी व्यवस्था में जातिगत भेदभाव खत्म नहीं हुआ है।