उचाना चुनाव विवाद में गवाही पूरी, हाईकोर्ट में बड़ा मोड़ रिवेरिफिकेशन पर उठे सवाल
उचाना विधानसभा चुनाव विवाद में हाईकोर्ट में चुनाव अधिकारी की गवाही पूरी हुई। रिवेरिफिकेशन प्रक्रिया पर सवाल उठे, अब BJP विधायक से गवाहों की सूची मांगी गई है।
■ उचाना चुनाव विवाद में हाईकोर्ट में गवाही पूरी
■ पोस्टल बैलेट रिवेरिफिकेशन पर उठे सवाल, रिकॉर्ड नहीं होने की बात
■ BJP विधायक अत्री से 10 अप्रैल तक गवाहों की लिस्ट मांगी
हरियाणा के उचाना विधानसभा चुनाव विवाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अहम मोड़ आ गया है। गुरुवार को हुई सुनवाई में चुनाव अधिकारी विवेक आर्य की गवाही पूरी हो गई, जिसमें उन्होंने पोस्टल बैलेट के रिवेरिफिकेशन को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कोर्ट के सामने रखीं।
गवाही के दौरान विवेक आर्य ने बताया कि उन्होंने पोस्टल बैलेट का रिवेरिफिकेशन कराया था, लेकिन उस समय मौके पर केवल अधिकारी और जीतने वाले पक्ष के लोग ही मौजूद थे। हारने वाले पक्ष की अनुपस्थिति पर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि माइक से अनाउंसमेंट कराया गया था, लेकिन इसका कोई लिखित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
इस बयान के बाद कोर्ट में रिवेरिफिकेशन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर तब, जब चुनाव का परिणाम बेहद कम अंतर से तय हुआ था।
गवाही पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में अगला कदम उठाते हुए बीजेपी विधायक देवेंद्र अत्री से गवाहों की सूची मांगी है, जिसे 10 अप्रैल तक अदालत में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि 16 अप्रैल से इस मामले में अगली गवाही शुरू की जाएगी।
इस पूरे विवाद की शुरुआत कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह की याचिका से हुई थी, जिसमें उन्होंने चुनाव परिणाम को चुनौती दी थी। उनका आरोप है कि करीब 150 पोस्टल बैलेट केवल स्कैनिंग न होने के कारण रद्द कर दिए गए, जबकि नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में लिफाफे खोलकर जांच की जानी चाहिए थी।
बृजेंद्र सिंह का यह भी कहना है कि चुनाव में जीत-हार का अंतर महज 32 वोटों का था, इसलिए इन रद्द वोटों की दोबारा गिनती बेहद जरूरी थी। हालांकि, उनके अनुसार यह प्रक्रिया सही तरीके से नहीं अपनाई गई।
मामले में पहले भी कई कानूनी मोड़ आ चुके हैं। बीजेपी विधायक देवेंद्र अत्री ने इस प्रक्रिया को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन वहां से उन्हें राहत नहीं मिली और हाईकोर्ट में सुनवाई जारी रखने का रास्ता साफ हो गया।
अब हाईकोर्ट में अगली सुनवाई और गवाहों की पेशी के साथ यह मामला और भी अहम मोड़ ले सकता है, जिससे उचाना विधानसभा सीट का चुनावी परिणाम भी प्रभावित हो सकता है।
shubham